About me

dr-prabhat-tandon

जन्म भूंमि और कर्म भूमि  लखनऊ !! वर्ष १९८६ में नेशनल होम्योपैथिक कालेज , लखनऊ से G.H.M.S. किया , और सन १९८६ से ही  इन्टर्नशिप के दौरान से ही प्रैक्टिस मे संलग्न .. वर्ष १९९४ मे P.H.M.S. join करते-२ मन बदला और तब से प्राइवेट प्रैक्टिस मे संलग्न।

होम्योपैथी मे आना कुछ अकस्मात ही नही रहा । मेरे बडे भाई , डां शेखर टन्डन जो लखनऊ के एक प्रसिद्ध होम्योपैथ हैं , मेरी होम्योपैथिक शिक्षा का अधिकांश समय  उनकी विलक्षण प्रतिभा के तले  गुजरा ।  होम्योपैथिक चिकित्सा  पद्दति एक निरंतर सीखने की मंजिल है आज २५ साल की प्रैटिक्स के बाद भी यह नि:संकोच कह सकता हूँ कि हम आज भी होम्योपैथिक के छात्र  हैं  ।

हिन्दी मे इस चिठ्ठे को लाने का श्रेय जीतू भाई को रहा । सन २००६ मे कम्प्यूटर पर हिन्दी लिखने की उत्कठां जागी और जीतू भाई के ब्लाग तक पहुँचा और फ़िर शुरु हुआ एक संक्षिप्त दौर सीखने – सिखाने का । उन दिनों मेरे पसंदीदा ब्लाग मे  शुऐब का भी ब्लाग था जिसकी चर्चा मैने अन्यत्र कई लेखों  मे की है ।

religion या धर्म को लेकर मेरे अन्यों से मतभेद निरंतर बने रहे क्योंकि मेरे विचार  से धर्म को कभी  भी sectors यानी संप्रदाय मे नही बाँटा जा सकता । भले ही मुझसे लोग सहमत न हों लेकिन मुझे इस तरह का धर्म का स्वरुप पंसद नही है । जैसे पानी का धर्म निर्मलता और आग का धर्म उष्णता को उत्पन्न करना है वैसे ही धर्म का स्वरुप इंसानों के लिये एक ही हो सकता है । धर्म मूलत: इन्सान के चरित्र से संबधित है । धर्म बेशक इन्सान के लिये आवशयक है क्योंकि यह इन्सान के चरित्र के निर्माण मे सहायक है लेकिन धर्म को ईशवर की अवधारणा से जोड्कर इतनी सीधी साधी धर्म की परिभाषा को इंसान ने विभिन्न धर्म ,संप्रदाय , जात और बिरादरी मे बाँट दिया । अब वह समय है कि परपंरावादी विभिन्न प्रकार के धर्म , ढकोसलों को ढोने वाला धर्म को अब अतीत बन जाना चाहिये । और धर्म ऐसा हो जो वैज्ञानिक आधार पर सही उतरता हो । गौतम बुद्ध  मुझे प्रिय है और मै उनको अपना आर्द्श मानता हूँ , और यही कारण है कि इस ब्लाग मे भी विभिन्न लेखों मे  भी उनका उल्लेख दिखेगा ।

होम्योपैथिक से संबधित यह ब्लाग व्यवासायिक  ब्लाग बिल्कुल भी नही है , मेरा उद्देशय होम्योपैथिक चिकित्सा क्षेत्र मे निरंतर हो रहे शोध कार्यों  और गतिविधियों को आपके सामने  रखना है और उन लोगों को विशेषकर वह जो इस चिकित्सा पद्दति के घोर विरोधी हैं यह संदेश देना है कि यह पद्दति एक विशुद्ध वैज्ञानिक पद्दति है ।

अगर आप मुझसे संपर्क करना चाहते हों तो नीचे दिये निम्म संपर्क सूत्रों पर संपर्क कर सकते हैं।
online consultation के लिये डां आयुष टन्डन से संपर्क कर सकते हैं जो इस क्लीनिक मे मेरी मौजूदगी और गैरमौजूदगी मे केसॊ को देखते हैं । आपका फ़ोन नं और मेल आई नीचे दी हैं ।

Clinic : Meo Lodge , Ramadhin Singh Road , Daligunj , Lucknow

E maildrprabhatlkw AT gmail.com

Landline No : 0522-2740211

Mobile no : 09899150456 ( Consult Dr Ayush Tandon for online consultation , email id homeoadvisor@gmail.com )

होम्योपैथिक के इस हिन्दी चिठ्ठे के अलावा मेरे अन्य चिठ्ठे हैं :

Indian Journal Of Research In Homeopathy

http://www.homeoadvisor.com ( upcoming professional web site , जल्द ही आ रही है )

 

 

 

75 responses to “About me

  1. dear doc.
    good blog page and your web pages
    as i donot have practice for devnagri, I more compailed to write in english though i love hindi for its Najakat
    Pl give me guidance for my web pafge consered for my bussiness. Pl visit

    http://www.passivation india.com
    wwww.mahapage.com/passivationindia

  2. डा मंजू सिरोही

    wa bahi wa kya blog hai

  3. I have compiled a small tutorial for guiding people to use Hindi on internet but I am yet to find out that how come I can over come problem like typing HINDI Properly, I use “Hindi typewriter layout” because I find it universal and I have also learnt it .

    I saw that your articles are having proper Hindi. Kindly guide me.
    मुझे बताएं कि कैसे मैं हिन्‍दी को सही तरह लिख सकूं ताकि ” न ” आधा आये हिन्‍दी में

    हां उस लेख का पता है

    using hindi on windows xp and internet

  4. आपको मैंने गलत लिंक दे दिया

    सही पता है

    Using hindi on windows and internet

  5. हिन्दी लिखने मे कोई भी परेशानी नहीं है, आजकल कई साफ़्टवेएर उपलब्ध हैं, मै हिन्दी राइटर प्रयोग करता हूँ, देखें और डाउनलोड करें यहाँ से , कुछ महीने पूर्व तक मै बराह प्रयोग करता रहा था, यह भी एक बहुत अच्छा साफ़्टवेएर है, लेकिन मै हिन्दी राइटर से अधिक संन्तुष्ट हूँ।

  6. I Have some problem here in windows, so have to type in English, I went there and found that its phonetic, I want to use Hind typewriter layout. But I figured out that how to make proper half letters in Hindi and I am pretty fast in Hindi typing too🙂 NOW !

  7. Hello doctor,i m a final year B.H.M.S. std,after this i want do HOSPITAL MANEGMENT ,can u help about this topic

  8. Dear Dr.Tandon if you can provide me your mail id ,telephone no or your address so that i can contact you.
    Thanks
    Kavita Uprety

  9. it is really urgent.

  10. सिध्दार्थ जोशी

    डॉ प्रभात, नमस्कार
    मेरा नाम सिध्दार्थ जोशी है

    राजस्थान के एक शहर बीकानेर से
    यहां मैं प्रमुख समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में रिपोर्टर हूं
    चिकित्सा की वैकल्पिक विधि के रूप में होम्यौपै‍थी और आयुर्वेदिक में मैं खोजबीन करता रहा हूं।
    आज 22 मई 2007 को पहली बार मैने आपकी साइट देखी
    यकीन मानिए पूरा पेज पढने से पहले ही मैने डाउनलोडिंग शुरू कर दी थी
    इस विषय पर इतना सहज और विशद वर्णन मुझे पहले कभी नहीं मिला
    कोशिश करुंगा कि नि‍यमित रूप से इसके जरिए मैं आपसे मिलता रहूं
    अगर आप स्वीकृति दें तो
    होम्योपैथी के संबंध में कुछ
    इस विषय में मेरे साथ चमत्कारिक अनुभव रहे हैं
    पिछले साल मुझे चिकनगुनिया हुआ था
    पूरा शरीर जाम हुआ मैं कोई काम नहीं कर पा रहा था
    मेरे घर के पास बाबूलाल जी हर्ष रहते हैं
    पेशे से व्यवसायी हैं फिलिप्स कंपनी के स्थानीय डीलर
    लेकिन पिछले चालीस साल से होम्योपैथी का अध्ययन कर रहे हैं
    मैंने उनसे अपनी समस्या बताई
    उन्होंने कॉल्चिकम 30 लेने की सलाह दी
    होम्योपैथी पर मेरा विश्वास है लेकिन इस दवा ने तीसरे दिन मुझे खडा कर दिया
    जैसे मुर्दे में जान फूंक दी हो
    इसके बाद बीकानेर में मैंने सैकडो लोगों को इस दवा के बारे में बताया
    कुछ लोगों ने ली और स्वस्थ भी हुए बाकी लोगों ने सुनकर अनसुना कर दिया
    इस बीच मेरा विश्वास जम चुका था
    मेरे पेशे में भी काफी तनाव है
    इसके चलते मैने इग्निशिया 1000 ली और काफी आराम पाया
    लेकिन डर से इसे रिपीट नहीं कर रहा हूं कि इसका इडिक्शन न हो जाए
    पहले आयुर्वेदिक में मेरे साथ ऐसा हो चुका है
    मैं नियमित रूप से सारस्वतारिष्ट लेने लगा था
    खैर आपका ब्लॉग शानदार है
    आपसे नियमित बात करने की इचछा रखता हूं आशा है आप इसकी अनुमति देंगे।
    सिध्दार्थ जोशी
    राजस्थान पत्रिका
    बीकानेर

  11. @सिध्दार्थ
    सिध्दार्थ जी , आपका इस चिट्ठे मे स्वागत है . मुझे भी प्रसन्नता होगी अगर आप मेरे और इस चिट्ठे के संपर्क मे रहेगें.

  12. सिध्दार्थ जोशी

    प्रभात जी एक बार फिर मैं आपसे मुखातिब हो रहा हूं
    नमस्कार
    कुछ बातें कल रह गई थी वह आज कहने की कोशिश करता हूं
    मेरे पडनानाजी ने 70 साल की उम्र में होम्योपैथी पढना शुरू किया
    और बाद में दो तीन लोगों को मौत के बिस्तर से भी उठा दिया
    अपनी पत्नी को वे लौटा नहीं पाए और बिना किसी बडी बीमारी के दो साल बाद उनका भी देहान्त हो गया
    उनके अध्‍ययन के दौरान मैं मात्र दस ग्यारह साल का था और लम्बे समय तक उनके पास रहने का मौका मिला
    इस दौरान उनकी कमजोर हो चुकी आंखों को मेरी आंखों का सहारा मिला और मुझे अध्‍ययन का मौका
    उस दौरान मैने सत्यव्रत सिध्दांतवलंकार डॉ नैश की मैटीरिया मेडिका
    कैंट की रैपरेटरी और कुछ अन्‍य किताबों के जरिए होम्योपैथी दवाओं से रुबरू हुआ
    अब तक मैने सिंगल डोजेज के ही उदाहरण देखे हैं कांबिनेशन नहीं
    आपके ब्‍लॉग पर दवा की मात्रा और रिपीटीशन के ख्याल ने मुझे आकर्षित किया
    आज इतना ही
    शेष कुशल
    सिध्दार्थ जोशी
    बीकानेर

  13. Dear Dr,

    I had posted my message but did not see that it has taken your attention.

    As other people have requested, I also request, could you please provide your contact details so we can contact you regarding cases.

    If you do not want to be contacted, please let us know.

    Hope you will understand the urgency.

    Thanks
    -Amit

  14. Kindly sugget me Leucoderma medicine

  15. PL SUGGEST ME LEUCODERMA MEDICINE
    MANOJ

  16. aap ka blog bhut he saandaar hai

  17. महोदय सादर प्रणाम,

    आपको हिंदी भाषा , साहित्य, चर्चा तथा काव्य आदी को समर्पित एक नये जाल-स्थल (वेबसाइट) का परिचय हो इस हेतू यह पत्र भेजा जा रहा है|

    आज इंटरनेट पर हिंदी मे साहित्य निर्मिती हो रही है, यह बड़ी उत्साहजनक बात है| लोग अपने विचार समाज के समक्ष अपनी भाषा मे रख रहे है| हिंदी मे लिखना और वह प्रकाशित करना आज भी उतना सहज नही है लेकिन लोगों का उत्साह कायम है| आज इंटरनेट पर अच्छा हिंदी साहित्य निर्माण हो रहा है| हिंदी विकीपीडीया तथा अन्य सैकडों चिठ्ठे (ब्लॉग) इस बात का प्रमाण देंगे की हिंदी भाषी लोग अपनी भाषा के प्रति इंटरनेट पर भी सजग हो रहे है| लेकिन हमारी संख्या और हमारे प्रगल्भ साहित्य को देख कर यह प्रतीत होता है की यह प्रयास आज भी पर्याप्त नही है|

    आज हिंदी को इंटरनेट पर बढावा देने के लिये एक संयुक्त प्रयास की जरूरत है| सभी मिलकर हिंदी को साथ ले जायेंगे| इस विचार से हिंदी भाषी तथा हिंदी से प्यार करने वाले सभी लोगों की ज़रूरतों पूरा करे तथा जहां सामाजिक चर्चा मंच हो जो सरल और उपयोगी हो| ऐसा कुछ करने की चाह मन मे लेकर एक जाल स्थल की निर्मिती की गयी है| आगे उस जाल स्थल का संक्षिप्त परिचय कराने की कोशिश कर रहे है|

    इस जगह (वेबसाइट) पर आप हिंदी में अत्यंत सरलता से लिख सकते है| अपना साहित्य, काव्य प्रकाशित कर सकते है तथा किसी भी सामाजिक विषय पर चर्चा शुरु कर सकते है|
    यहां आने पर आपको सर्वप्रथम पंजियन कर अपना सदस्य नाम लेना है| यह नाम आप हिंदी मे ले सकते है और हमारा आग्रह है की आप नाम हिंदी मे ही लें| ध्यान रहे आपका संकेताक्षर ( पासवर्ड) अंग्रेजी मे ही रहेगा |

    यहाँ आप हिंदी तथा अंग्रेजी भाषा मे लिखने का चुनाव कर सकते है| एक लेख मे आप हिंदी तथा अंग्रेजी मे साथ साथ लिख सकते है| हिंदी मे लिखने के लिये मदद (की बोर्ड) दिया गया है जो अत्यंत सरल है| या ने जैसा अंग्रेजी मे लिख सकेंगे वैसा ही लिखे और आप हिंदी लिख पायेंगे|

    अपना साहित्य प्रकाशित करना तथा अन्य प्रकाशित साहित्य पर अपना मत प्रकट करना यह एक अच्छा अनुभव होगा| यह एक सामुदायिक जालस्थल है जहां आप अपने लोगों से हिंदी मे बाते कर सकेंगे| हिंदी साहित्य तथा अन्य सम-समान विचारों के लोगों से मिलने का अनुभव भी खास रहेगा|

    इस जाल स्थल की अन्य कई विशेषताएँ है जो कि समय समय पर सामने आयेगी| आप इस जाल स्थल से जुड़ जायें तथा अपना सहयोग दें यह विनती है| आपसे एक और विनती है की आप यह संदेश अपने हर परिचित तक पहुंचाने मे हमारी मदद करें| अपने स्नेही तथा परिवारजनों तक यह जाल स्थल पहूंचाये|

    जाल स्थल का पता – http://www.hindibhashi.com

    आपका
    संपादन मंडल ,
    हिंदीभाषी . कॉम

  18. Dr.Prabhat Iam 21 years old….i had a problem of improper sleeping at night and when i was awake i feel a loss of energy…But when i take Nux Vomica i have a good sleep at night…and my senses are working properly….At present Iam taking 2 drops of Nux.V at night and noon…So plz kindly tell me that for how much period should i take Nux.V and also plz tell me that will it be beneficial in indigestion and proper live functioning…What are it illl effects?And plz give me ur email id and contact number..

  19. @ Pranav Thakur,
    नक्स वोम को लम्बे समय तक लेने मे कोई हर्ज नही है लेकिन अगर अगर यह लग रहा है कि नक्स की क्रिया कुछ दिन तक ही रहती है या उसका कार्यकलाप जल्द ही निकल जाता है तो बेहतर है कि नक्स की पोटेन्सी को बढा दे और २०० के बजाय १००० लें और उसको उसके action पूरा समाप्त होने के बाद ही रीपीट करें.

  20. Respected sir ,
    It gives me utmost pleasure to introduce yourself to the new member of homeopathic fraternity http://www.homeorizon.com
    Sir this site has been prepared by practicing academicians and physicians in order to provide recognition to scientific homeopathy. Our aim is to take homeopathy to newer heights, and this is small step forward. We welcome you to send your blessings and suggestions regarding homeorizon. With your support and our efforts the homeopathic horizon does not appear beyond approach.
    I also reqest you to contribute to Homeorizon in the form of good informative articles so that our readers get benefitted.
    Thanking you and looking forward for your support.

    Dr. Shalini MD (Hom)
    PRO
    Homeorizon family.

    you can send your articles on :

    info@homeorizon.com

  21. hello sir,
    me apki website hamesha dekhati hu.muje apki thodi help chahiye i hope ke ap meri madad jarur karege.
    me abhi uk me hu aur muje register karne ke liye haya per 5 cases present karne hai,me practise nahi kerti thi kyoke soon after my marrige i have baby now, so muje 5 cases banane hai to plz ap muje thoda idea dege??ya fir ap muje koi apka case bata sakte hai jise me thoda relax feel karugi.bahot bahot shukriya in advance.

  22. @ Kiran,
    किरन जी मै ठीक से समझा नही , जहाँ तक मेर विचार से आप होम्योपैथिक चिकित्सक हैं और U.K. मे प्रैकिटिस करना चाहती हैं । लेकिन जहाँ तक मैने सुना है कि वहाँ होम्योपैथिक डिग्री को मान्यता नही है , फ़िर भी अगर आप इस सिलसिले अगर मै आप की कोई मदद कर सकूँगा तो मुझे बहुत खुशी होगी । कुछ case taking के form मैने इन्टर्नेट पर आनलाईन डाले है , उनसे आप अपना केस तैयार कर सकती है ।
    http://drprabhatlkw.googlepages.com/CASETAKINGFORADULTS.doc
    http://drprabhatlkw.googlepages.com/casetakingchildren..rtf

    प्रभात

  23. I am suffering from vitiligo since last 15 years. Fortunately, it has so far not spred much and around 10% of body has white spots. Since last one year it is spreding. I am 51 and live in Delhi. I have tried all pathy . Can you help me. Kindly give your phone no. so that I can fix an appointment.
    Regards,

  24. नमस्कार प्रबात जी मे एक होम्योपेतिक student ho aapka blog dkh kar aacha laga. aage me hindi me type karne ki koshish karuga. me BHMS last year ka student hoo. aap mughe medicine ki potency selection ke bare ma bataye .
    thanyabad.

  25. @ राहुल कुमार
    राहुल , इस ब्लाग के जरिये से यह एक छोटा सा प्रयास है होम्योपैथी की वास्तविकता को जनता तक पहुँचाने और होम्योपैथी से जुडे उन तमाम संगठन और विशेष कर छात्रों तक टिप्स और सीक्रेटस कहे जाने वाले उन तमाम रहस्यों को पहुँचाने का । हम बाँट कर ही आगे बढ सकते हैं , ऐसा मुझे विशवास है ।

    aap mughe medicine ki potency selection ke bare ma bataye

    इस संबध मे इस पोस्ट को देखें:
    https://drprabhattandon.wordpress.com/2007/05/13/second-prescription-selection-of-potency/

  26. अमित कुमार ओम्

    डा. साहब, आपको हिंदी चिट्ठा जगत में देखकर अत्यंत हर्ष का अनुभव हो रहा है |
    मेरे दोनो हाथों पर कई सारे मस्से निकल आए हैं |
    काफी इलाज भी करवाया पर कोई फ़ायदा नहीं हुआ| आपसे मेरा विनम्र आग्रह है कि कृपया इस विषय पर एक चिट्ठा प्रकशित करें,बडी कृपा होगी|
    मैं भी लखनऊ का निवासी हूं, आपके दर्शनाभलाशी हूं|
    आपके उत्तर की प्रतीक्ष| में —-ओम्

  27. Dear Dr. Tandan,

    Greetings,

    Thanks for your enthusiastic and supportive response. It had such a note of familiarity which is so difficult to find nowadays. It was like finding someone from your motherland in this plastic world.

    Thanks also for your wonderful article on OCN. It is a complete article in itself with all minor details necessary for both students and practitioners.

    Sir, I have been to your blog and I am well known with its widespread success. Off course Sir, you are a genius with mastery over both English and Hindi. Your language reaches straight to the heart which is so rare these days.

    Thanks also Sir, for showing us a new horizon to think about. I will seriously think about opening up new space for hindi on our site. I further urge you to guide us today and in future as regards spreading homeopathy.

    We will be highly grateful if you further continue your support to Homeorizon. Waiting eagerly for your reply.

    Thanking you.

    You can send your articles to info@.homeorizon.com.

    Truly yours,

    Dr.P.Singh M.D.(Hom)
    Co-Editor, Homeorizon

  28. प्रभात जी,

    नमस्‍ते।

    कुछ समय से आपका ब्लाग देख रहा हूं, मॅ व्‍यवसाय से वकील हूं लेकिन अपने विद्यार्थी जीवन में आयुर्वेद का विद्यार्थी रहा, साथ ही जीव विज्ञान में बी.एससी. किया। वकालत के प्रोफेशन में आने के बाद होमियोपैथी से सम्‍पर्क हुआ। इस पद्धति ने मुझें अत्‍यन्‍त प्रभावित किया। मैंने स्‍वयमेव ही इस का उपयोग प्रारम्‍भ कर दिया। विगत 24 वर्षों में ऐसे अवसर नगण्‍य हैं कि मुझे किसी अन्‍य पद्यति की आवश्‍यकता हुई हो। मेटीरिया मेडीका ने बहुत साथ दिया है। अब तो बच्‍चे बाहर हैं और उनके पास 30-35 दवाओं का किट रहता है, उस का स्‍वयं उपयोग करते हैं या फिर हमसे टेलीफोन पर बात कर के उपयोग करते है। उन्‍हें किसी चिकित्‍सक से सलाह लेने की आव्‍श्‍यकता भी लगभग नहीं ही पड़ती है। आज फास्‍फोरस के सम्‍बन्‍ध में आप का आलेख पढ़ कर आप को कुछ कहने को मन हुआ है।
    मै ने अनेक बार अपने औषध के सम्‍पूर्ण लक्षणों पर मनन करने के उपरांत पाया कि यह औषध किसी अन्‍य लक्षण ऐसे लक्ष्‍ण में भी काम करनी चाहिए जो मेटीरिया मेडीका में अंकित नहीं है, उपयोग करने पर मेरा विचार आधे से अधिक बार सही निकला। ऐसा क्‍यों होता है इस पर मेरे अपने विचार हैं किन्‍तु उन्‍हें व्यक्तिगत रूप से ही शेयर किया जा सकता है, ऐसे मंच पर नहीं जहां अन्‍य भी उसे पढें। फास्‍फोरस के मामले में ऐसा क्‍यों हुआ इस का उत्‍तर भी मैं देना चाहता हूं। पर वह आप को ई-मेल पर ही दिया जा सकता है।
    ध्‍न्‍यवाद्
    दिनेशराय द्विवेदी, कोटा, राजस्‍थान

  29. @ दिनेशराय द्विवेदी जी,

    फास्‍फोरस के मामले में ऐसा क्‍यों हुआ इस का उत्‍तर भी मैं देना चाहता हूं। पर वह आप को ई-मेल पर ही दिया जा सकता है।

    बिल्कुल , आपके उत्तर की प्रतीक्षा रहेगी ।

  30. आपका लेख पढने के बाद उन सारी जिज्ञासाओं मे से कुछ शांत हुई है और कुछ को पुरा करने का रास्ता मिला है जो फ़िल्म देखने के बाद उत्पन्न हुई थी.
    आपने इस विषय पर अध्ययन किया है इसलिए पूछ रहा हूँ कि MR/ADHD पर भी क्या आपकी कोई जानकारी है. DYSLEXIA और MR/ADHD मे क्या कोई रिश्ता है.क्या होमियोपेथी मे कोई दवा उपलब्ध है? अगर हाँ तो मेरे मेल पर कृपया सम्पर्क करे.

  31. Dear Dr. Prabhat,

    A close friend and a practicing Homoepath who is treating me for the last 3 years was administered (about 1 year back) by his Homoepathic Doctor (a well known doctor; and Kentian to the core) Sulphur 1M and then 10M, thinking that to be his medicine.

    The patient has gotten all his symptoms exaggerated as happens in Sulphur, and is now suffering from severe Diabetes. The doctor then has tried Silica, and atleast 2 more medicines since then, but none of them seem to be working, in spite of very high confidence that Silica was the right medicine for which 1M and 10M were administered within a difference of 2 months. Nothing happened.

    The patient continues to suffer from Diabetes till his right medicine is found. And I was wondering if there is an anti-dote to Sulphur (10M) to remove the negatives of it in cases of incorrect administration.

    Thanks.

  32. @ Rahul,
    The specific indications of both sulphur & silicea are entirely different ; on one hand the sulphur patient is too much hot where as silicea is too much chilly . The mental makeups of both sulphur & silicea are totally different . Lycopodium is one of the drug which should be followed after sulphur if it seems the case belongs to sulphur side .
    Secondly the role of organ medicines or some physicians call them as ” drainage medicine ” should also be taken as a consideration. Syzium, Gymnea sy. , cepahalara indica, abroma augusta etc are among those drainage or specific medicines. Here one must have the difference with Kentaian approach but the role of these medicines along with a well selected constitunal drug is useful.
    See this post
    http://drjoesnaturalmedicine.blogspot.com/2008/02/when-perfect-simillimum-is-not-working.html
    prabhat

  33. Hi Prabhat, here is my reaction from Blogcatalog.
    In practise I mostly use the classical way of repertory and materia medica. And the first remedy I give, is usualy a well known one. But at the same time I try to get an idea where someone gets stuck in their development. If that is the cause, then at the same time, it is their strength. It can be an emphasis on relationships (siliciumseries), profession (ironseries), inner development (lanthanides) and so on.
    And I look at the chart to get ideas. Is there an emphasis on certain signs, are the signs mainly primordial, individual or universal, are there strong aspects. So I use it as a roadmap to have an overview of what I am doing.
    How do you work with relations between remedies?

  34. डाक्टर साहब को नमस्कार !
    समस्या की ओर ध्यान देने के लिए और बताने के लिए धन्यवाद् /
    एक मोर्चे पर आपकी ब्लॉग उपस्थिति साहित्य और कविता से परे हट कर ब्लॉग के आसमान को बड़ा और विविधता पूर्ण कर रही है / बधाई ….

    प्राइमरी का मास्टर
    http://primarykamaster.blogspot.com/

  35. please suggest me the right medicine for vitiligo or leucudrma

  36. i have problem with my skin last 8 years , on feet legs some on chest on one on face and one is under eye

  37. HI dr tondont
    really g8 work by you , appriciate your work for homeopathy , i am a homeopath from mumbai , i am working on homeopathy in anti-ageing , and anti- wrinkle treatment can u suggest something about it ..? u can also do visit to my blog and find info about me in orkut
    dr tondon please dont forget to watch my interview on care world t.v on friday at 2 and reapeat at 8 pm , i am talking about homeopathy in skin ahir and beauty& homeopathy in incurable skin disease , all three pathy are there there keeping there views . do write me .
    thank you

  38. Hello Dr. Prabhat
    My son is 21 yrs. old and is 5’6″ and 54kgs. I am 5’11” and my wife is 5’5″. Sir is there some homeopathic medicine to increase his height? I have came to know from some source that at this age too, the homeopathy medicine is useful. Thanx

  39. @ Raj Tomar,
    No, it’s not possible by any means to increase the height at this age group.

  40. Just passing by.Btw, you website have great content!

    _________________________________

  41. I have passed BHMS, I want to do MD in Gynecology&obstric so please guide the proper way thanking you

  42. dr tondon i want to know about ur address and contact number plz inform me in this regard. second thing is that i want to know aobut the upcoming seminar and conference on medical science. so i can join them. i also want to know about the international conferecne,.
    thanks a lot
    yours
    DR MRITYUNJAY JOSHI
    TALEN DIST RAJGARH MP

  43. Dr. Sahib,
    Namaskar.
    Today while surfing Internet i came to your website. Sir, my son 23yrs. of age is mentally retarded and is undergoing Fits since 10yrs of his age. I have applied many homeo, ayurvedic and allopathic medicines but still the fit comes in the sleep while in awake he remains normal. One more thing, he used to laugh much. Please advice some medicine so that his both problems may solve.
    Thanking you.
    Sukhpaul kaur ( Mother)
    Hoshiarpur. Punjab.

  44. Dear sir,
    A very good site for searching about Homoeopathy at one place. Information on Ruta ans Calc.Phos for brain tumout is very interesting. I hope in future more information will come in this site regarding this. The methods used by Dr. Banerji requires to be explained, if the dr. banerjii wishes to.
    Raj Kumar.

  45. सुमितकुमार कटारिया

    आप हिंदी राइटर का प्रयोग क्यों करते हैं? विंडोज़ ऐक्सपी की सीडी से हिंदी का लोकेल डालिए और इंस्क्रिप्ट कीबोर्ड लेआउट में टाइप कीजिए।
    ये (link1) और ये(link2) पढ़िए।

  46. dear dr. tandon,
    i am BHMS from mohan homeopathic medical college lucknow.practing since 1992 in faizabad.i am not satisfied with packaging materials and suger gobules in homoeopathy. kya koi sujhav hai is bare me ki ucchi quality ki voils aur golia(pills) kis company ki use ki jai. I am not satisfied with DVK also.

  47. I wish to learn more about Homoeopathic Medician can posible or Not . I am ex man I can practice in same.

  48. Sir, I done correspondence course from mavelie Homoeopathy mission Trivendrum in 1994. Now i am ex man from army. I can became registred medical practicenor or Not . tell me.

  49. @ Chain Singh
    No, Such type of practice without any formal degree in homeopathy is called quackery . Homeopathic education needs a comprehensive course of 5 1/2 years course with a year internship in various hospitals . I hope you can understand the seriousness.

  50. Gastics problem, what is medicine in homeopathy

  51. send any vaccncy information regarding homopathy

  52. Sir
    my father is suffering from paralysis.
    since 6 months.
    his right side ( Hand & Leg) 60% not working properly.

    Sir Will you help me about this problem.
    & I want to know the result.
    So what i do for them.

  53. It can then place the translated address on the appropriate bus. ,

  54. Hey,

    I’m seeking help for the children of Haiti.

    I’m doing this for a non-profit haiti organization that gives their time to
    creating an oppurunity for the children in haiti. If anyone here wants to help then this is the place:

    Donate to Haiti or Help Haiti

    They provide children in Haiti a learning environment.

    Yes, they’re real.

    It would be great if you could help

  55. Hello there I’m a new member would like to say good day to all the users here. Wish to come in contact with several new friends here.

  56. Dear sir
    I just started practice.
    I have seen ur website & getting impressed.
    want to say thank for providing us knwolege.

  57. dear sir,your blog is very usefully due to hindi ,in north area mostly people know hindi than english even medical students so thanks for this.

  58. Save the World from Synthetic Poisons and Promote Organic farming From Dr.R.P.Shukla_Punjab _India.

    Good Evening Sir,
    Myself Dr.R.P.Shukla a Classical Homeopath .I believe in natural environment around each living being of this earth including human, animals & plants. I have invented a Homeopathic Based Organic Input Which is very effective for agriculture, Horticulture as a Bio-Pesticide ,Fungicide and Soil Conditioners Approved by Natural Organic Certification agency Puna under APEDA Government of India ,As You Know Synthetic Poisons are used as Chemical Pesticide and Fungicide Which is very much harmful to whole living Creature world over. I have short of financial sources to promote this unique input for human beings. I expect from you the moral support for this noble causes and hope you must understand my feeling and propagate through your messages. Your Positive response will be appreciated.
    Your good wishers.
    Dr.R.P.Shukla,
    Product detail is following:-

    Homeopathic-Based
    Dr.R.P.Shukla
    Swiss Organic Spray
    (Organic Input Product R. No. IA/SOPL/02/08)
    Certified by NOCA Accredited by APEDA Govt. of India .
    Patent Application No. 1342/Del/2010 dt. 10.06.2010 on “A novel homeopathic based organic spray as Biopesticides, Fungicide, soil conditioner and growth promoter” in the name of Rameshwer Parshad Shukla.

    Bio-Pesticide-Fungicide, Soil Conditioner Growth Promoter

    What is Swiss Organic Spray (SOS)?
    • SOS is an organic spray developed with Homeopathic Principles
    • It helps in preventing considerable damage to crops from insect pests
    • It can be used as preventive measure against fungal pathogens causing blights and rots of many horticultural and agricultural crops
    • SOS is a multipurpose organic spray which is a repellent bio- pesticide, fungicide, growth promoter and soil conditioner
    How Does SOS Work Against Insect Pests?
    • It acts as REPELLENT against many insect pests due to its odour and ingredients
    • SOS acts as an ANTIFEEDENT: Many insects don’t eat plant parts sprayed with SOS. It also kills the hunger in insect pests.
    • SOS disrupts the growth cycle of insects
    • SOS inhibits reproduction in insects, which results in low populations and lower crop damage.
    • Insects are not able to breed or lay eggs on plants sprayed with SOS.

    Why Use Swiss Organic Spray (SOS)?
    • It is an environment-friendly product
    • It is absorbed by plant parts and does not pollute air, water, and soil
    • It can be used against various insect pests and diseases in organically grown horticultural and agricultural crops
    • It reduces the cost of spray as insect pests and pathogens are not able to adapt to the ingredients of SOS
    • It can be used in an integrated pest management (IPM) system
    • No ill effects on health of consumers
    • No harmful effects on friendly insects
    Manufacture by:-
    Shukla Homeo-Pharmacy®,
    Shukla Complex,Peer khana Road,
    Khanna-141401,Punjab,India.

    For More product information please log on to
    http://www.swissorganicspray.com
    Email- swissorganicspray@gmail.com
    rahul@swissorganicspray.com
    Telephone-0091-1628-655873,502873
    Mobile-0091-98723-72714.
    0091-95012-00873,98763-84388.

  59. पिंगबैक: सेन्टिसमल स्केल से LM स्केल तक का सफ़र | होम्योपैथी-नई सोच/नई दिशायें

  60. sir great your blog is very nice. Ajmer-rajasthan me bhi Satish Verma he jo ek blog chalate he http://sewamandir.blogspot.com/ is par bhi kuch case studuy mil jati he. ek baar aavashya dekhe.

  61. Waah sir kya baat hai…lagta hai mujhe bhi apke padchinhon pe jald hi chlna shuru kr dena chahye…LM k safar ko aage bhi jaari rakhen is blog pe…

  62. सेन्टिसमल स्केल से LM स्केल तक का सफ़र:
    sir, i read ur blog….i read completely but couldn’t understand any thing..but it was good..thnx..

  63. Very informative site. However, I am not able to read hindi and miss out on some of the contents. There is a software application that you can install on your site to translate hindi into english. I saw this in a japanese watch site where you could translate the japanese to english and other languages.

  64. पिंगबैक: Complete Freund’s Adjuvant (CFA) द्वारा गठिया से पीडित किये गये चूहों पर होम्योपैथिक औषधि रस टाक्स के परीक्षण ( Modulation

  65. Your website has some really well written articles in my field of work. i have passed this article onto some close colleagues who should find this well worth a read.

  66. Gud evening sir i want to know somthing maine BHMS me isi varsh admition liya h,can u plz suggess me sir isme mera carrer better rahega.i m totally confuse.i have completed diploma in physiotherapy.plz reply @thank u.

  67. @ RAM PANDEY : this depends upon you that how much you take your subject ( whether homeopathy or physiotherapy ) seriously🙂

  68. पिंगबैक: मेरी डायरी – ईथूजा साइनाएपियम (Aethusa Cyanapium ) | होम्योपैथी-नई सोच/नई दिशायें

  69. सिकन्दर सैनी

    बहुत ही रोचक ब्लोग है। मै जैव-प्रोद्योगिकी मे स्नतकोत्तर का छात्र हूं। मैने इस ब्लोग को नियमित रूप से पढ्ना शुरु कर दिया है, ताकि मै इस विद्या का ज्ञान ले सकुं और जैव-प्रोद्योगिकी को इस विद्या में सन्लग्न (integrate) करने का प्रयास करुं। धर्म के बारे में मेरे भी यही विचार हैं, यद्यपि मैने प्रयत्न किये हैं परन्तु इनसे बहुत कम लोग सह्मत होते हैं। लोग परमात्मा को व्यक्ति रूप में देखते और वर्णन करते है, परन्तु को केवल ऊर्जा है जो सब में प्रवाहित होती है और हम सभी को प्रभावित करती है। उसे धर्मों में नही बांटा जा सकता। धर्म की सहि परिभाषा भाग्वत् गीता में वर्णित है। इस निस्वार्थ कार्य के लिये मेरि शुभकाम्नायें।

  70. hi sir me aap se bahut inspir hu me bhi homoeopathy ki study kar raha hu .

  71. sir aap se request he paralysis kie bare me batay or homoeopathik medicin bhi batwe
    thanks

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