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कम्पयूटर को जल्दी खोलने और जल्दी बन्द करने का उपाय

March 19, 2007 · 14 Comments

कुछ दिन पूर्व सागर भाई ने कम्पयूटर को जल्दी बन्द करने और रिस्टार्ट करने का जुगाड बताया था। इधर मै अपनी क्लीनिक और घर दोनो ही के कम्पयूटर मे यह जुगाड चला रहा था। लेकिन कम्पयूटर की विन्डोज को खुलने और लोड लेने मे शुरू मे काफ़ी समय लग जाता था और इसका अभी तक मेरे पास कोई भी समाधान नही था। कल मेरे मित्र मोहित ने इस समस्या का निदान चुटकी मे कर दिया । आप भी कर सकते है अगर आप के कम्पयूटर की विन्डोज ( XP) खुलने मे समय ले रही हो।
1- सबसे पहले तो यह सुनिशिचित कर ले कि आप के कम्पयूटर की रैम कम से कम 256 हो।
2- डेस्कटाप पर rt click करें–properties पर जायें–screensaver पर किल्क करें–नीचे देखें power का विकल्प दिख रहा है–
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3-power पर किल्क करें—power options properties पर जायें—-hibernate पर किल्क करें—enable hibernate बाक्स को चेक कर दें—-apply करे और ok कर दें।
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3- Power options properties को दोबारा किल्क करें —-advanced पर जायें—-when I press the power button on my compuer मे विकल्प मे hibernate पर किल्क करें—-apply और ok कर दें।
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4- अब आपका कम्पयूटर hibernation के लिये बिल्कुल तैयार है।
5- अपने कम्पयूटर को शट डाउन करते समय hibernate के विकल्प को देखते गुये किल्क करें।
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6- कम्पयूटर को दोबारा स्टार्ट करें , और अब देखें कि आपका पी सी कितनी द्रुत गति से खुल रहा है।

Categories: जुगाड

14 responses so far ↓

  • राम चन्द्र मिश्र // March 19, 2007 at 3:39 pm

    डॉ साब!
    आपने तो कम्प्यूटर बन्द ही नही किया…

  • Amit // March 19, 2007 at 3:53 pm

    इससे कंप्यूटर सही मायने में बन्द हो चालू नहीं होता। जब कभी कोई नया सॉफ़्टवेयर या विन्डोज़ अपडेट इंस्टॉल करें जो आपको कंप्यूटर बन्द कर चालू करने को कहता हो Restart की ऑप्शन चुन कंप्यूटर को रीस्टार्ट करें। वैसे हाईबरनेशन सही चीज़ है लेकिन तकरीबन 10 दिन बाद एक बार कंप्यूटर को Restart कर लेना चाहिए, अन्यथा विन्डोज़ धीमी हो मेमोरी चूसने लगती है।

  • DR PRABHAT TANDON // March 19, 2007 at 4:17 pm

    @राम चन्द्र मिश्र और @Amit जी
    अगर इस तरीके से कोई नुकसान हो तो न चलाऊँ । हाँ , अपडेट करने के बाद या साफ़्टवेएर इन्सटाल करने के बाद की आप की सलाह को ध्यान रखूगाँ। धन्यवाद !

  • समीर लाल // March 19, 2007 at 4:27 pm

    सही है, मगर बीच बीच में रिस्टार्ट कर लें.

  • राजीव // March 19, 2007 at 6:06 pm

    डा. साहब,

    इस प्रक्रिया में कम्प्यूटर केवल विश्राम करता है, ठीक उस स्थिति में जैसा वह Hibernate करने के ठीक पहले था। Hibernation में यह होता है कि कम्प्यूटर की क्षणिक स्थिति, Dynamic State, जो कि RAM से व कुछ अन्य Parameters से निश्चित होती है, उनको आपकी हार्ड डिस्क में ठीक वैसा ही संरक्षित कर लिया जाता है, या यूं कहें कि बटन दबाने के समय कम्प्यूटर की जो छवि (memory and cpu states) होती है, वह संरक्षित हो जाती है। पुन: जब कम्प्यूटर चलाया जाता है, तो उसे यह ज्ञात होता है, कि पुन: बूट न करके, पुरानी स्थिति में वापस लाना है, बस। तो आप अपने आपको , चालू प्रोग्राम्स वगैरह की उसी स्थिति में वापस लाते हैं जिसमें वह पहले था। जहां तक समय की बात है, तो इस प्रक्रिया में केवल कम्प्यूटर की मेमोरी को पुन: भरने में ही लगता है, किसी अन्य Process में नहीं

    अब जानें इसका प्रयोग – यदि आप किसी आवश्यक कार्य से तुरंत कम्प्यूटर बंद कर, अधिक समय के लिये काम स्थगित (न कि समाप्त) करना चाहते हैं तो इसका प्रयोग करें यहां तक कि कई प्रोग्राम यदि चल रहे हों तब भी। इसकी खराबी – यदि आपका कोई प्रोग्राम Memory Leak कर रहा है, मतलब वह लगातार चलने में Memory का प्रयोग बढ़ा तो रहा है, पर आवश्यकता न होने पर उसे कम नहीं कर रहा, तब इस प्रक्रिया से बंद कर पुन: चालू करने से कोई लाभ नहीं होगा, वरन् यथास्थिति बनी रहेगी। इसके विपरीत पुन: चालू करने की प्रक्रिया में वह प्रोग्राम पूरी तरह से बंद होगा ही और साथ साथ सभी प्रोग्राम भी। तो, पुन: बूटिंग एक बिलकुल अलग प्रक्रिया है, और Hibernation दूसरी। यह बात ज़रूर है, कि यह काफी सुविधाजनक होती है।

  • बेमतलब की बात..!! « हम भी हैं लाइन में // March 19, 2007 at 6:26 pm

    [...] लगे ये जरुरी तो नही जैसे डा. प्रभात ने कम्पयूटर को जल्दी खोलने और जल्दी बन्द … बताया अब चुंकि मैं आई.टी. से जुड़ा हूं [...]

  • Amit // March 19, 2007 at 8:18 pm

    इस तरीके से कोई नुकसान नहीं है। इसका एक फ़ायदा यह भी है कि जितनी विन्डो आदि आपकी खुली हुई हैं वो सभी वैसी कि वैसी मिल जाएँगी दोबारा कंप्यूटर चालू करने के बाद। लेकिन जैसा मैने कहा, कि यदि आपको कंप्यूटर धीमा होता लगे तो उसको Restart कर लीजिएगा, वैसे 10-11 दिन में एक बार तो कर ही लीजिएगा।

  • Shrish // March 19, 2007 at 9:25 pm

    अरे डॉ. साब कोई नुक्सान नहीं, बल्कि ये तो बहुत उपयोगी विकल्प है, आप निश्चिंत रहें, मैं कई सालों से इसका प्रयोग करता हूँ। हाँ जैसे अमित ने कहा कुछ सॉफ्टवेयरों के इंस्टालेशन के बाद तथा कभी कंप्यूटर हैंग, स्लो होने पर आदि मामलों में रीस्टार्ट कर लेना चाहिए।

    मैं रात को शटडाउन करता हूँ, इसके अलावा बीच में जरुरत पड़ने पर भी रीस्टार्ट कर लेता हूँ।

    वैसे मेमोरी फ्री करने के लिए कम से कम एक दिन में रीस्टार्ट कर लेना चाहिए। आप रात को जाते वक्त कंप्यूटर शटडाउन किया करें और सुबह आकर चला लिया करें।

  • DR PRABHAT TANDON // March 20, 2007 at 5:07 am

    @ राजीव ,
    राजीव भाई, इतना ढेर सारा तकनीकी ज्ञान बाँटने के लिये धन्यवाद!

  • SHUAIB // March 20, 2007 at 6:36 am

    टिप्पणीयां पढ कर बहुत कुछ सीखने को मिला, आप सबका धन्यवाद।
    टाईटल पढ कर लगा कि डॉक्टर साहब होम्योपैथी का कुछ इलाज बता रहे हैं ;)

  • SHUAIB // March 20, 2007 at 6:38 am

    अरे डॉक्टर भाई, ये आपने तस्वीरें कहां पर अटाच की हैं? मुझे तो दिखाई नहीं देते। और शायद वो वेबसाईट यहां पर ब्लॉक हो।

  • DR PRABHAT TANDON // March 20, 2007 at 6:55 am

    अरे डॉक्टर भाई, ये आपने तस्वीरें कहां पर अटाच की हैं? मुझे तो दिखाई नहीं देते। और शायद वो वेबसाईट यहां पर ब्लॉक हो।

    कहीं नजरों मे कऊनो छोकरी तो नही है जो मतबल की चीज दिख नही रही है 8-)

  • DR HARSHAD RAVAL MD HOMEOPATHY // October 19, 2008 at 12:00 pm

    Thak for guidance for computer knowledge

    Thanks.

    Dr Harshad Raval MD[hom]
    Honorary consultant homeopathy physician to his Excellency governors of Gujarat India. Qualified MD consultant homeopath ,International Homeopathy adviser, books writer and columnist. Specialist in kidney, cancer, psoriasis, leucoderma and other chronic disease

  • navneet // May 7, 2009 at 3:41 pm

    Thik kaha sir ji

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