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ओपन रिपर्ट्री -मुक्त स्रोत फ़्री होम्योपैथिक सॉफ्टवेयर (OpenRep-free open source homeopathic software)

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 ओपन रिपर्ट्री – मुक्त स्रोत फ़्री होम्योपैथिक सॉफ्टवेयर: ( चित्र को बडॆ आकार मे देखने के लिये चित्र पर किल्क करें )

साभार : ब्लादिमीर पोलोनी

व्लादिमीर पोलोनी द्वारा विकसित और निर्मित ओपेन रिपर्ट्री पहला मुक्त स्त्रोत फ़्री होम्योपैथिक साफ़्ट्वेर है । जावा आधारित इस साफ़्टवेर के कई अलग-२ संस्करण अलग-२ आपरेटिंग सिस्टम के लिये बनाये गये हैं  । एक एडवान्स यूजर के लिये इसमे बहुत कुछ नही है लेकिन होम्योपैथिक कालेज मे बी.एच.एम.एस. के सेंकडं सेमेस्टर के आगे वाले छात्रों के लिये यह उपयोगी सिद्द हो सकता है । इस सॉफ्टवेयर मे पयुक्त सभी रिपर्ट्री ओपन स्त्रोतों से ली गयी हैं ।

 Repertories की सूची में  शामिल है:

Repertorium Publicum : यह कैंट रिपर्ट्री के  नवीनतम संस्करण पर आधारित है और इसमे काफ़ी बदलाव के संकेत दिखाई दे रहे हैं । पूरी जानकारी के लिये Repertorium Publicum का परियोजना पृष्ठ देखें ।
Short Repertory of Bach Flower Remedies : इसके लेखक ब्लादिमीर पोलोनी हैं और इस रिपर्ट्री को उन्होने  मुक्त स्त्रोत कर दिया है जिसका मतलब है कि इसमे किसी भी तरह का परिवर्तन और संशोधन किया जा सकता है । देखें BachFlowerOnline.com

Boenninghausen’s Repertory by T.F.Allen  : टी.एफ़. एलेन द्वारा अनुवादित बोनिगहसन की रिपर्ट्री का यह मूल रुप है और  इसमे  बोनिगहसन के द्द्ष्टिकोण को हम साफ़-२ देख सकते हैं जहाँ लक्षणॊं को Locality, Condition, Modality और  Concomitants के घटकों मे बाँटा गया है ।

Sensations as if by Herbert Roberts : दुर्लभ लक्षणॊं  का इसमे  अद्वितीय  समावेश है , ऐसे लक्षण जिसमे रोगी को  एहसास  होता है , “sensation as if “ के नाम से इस रिपर्ट्री मे कई लक्षण आजकल की कई  आधुनिक रिपर्ट्रीयों मे भी उपलब्ध नही है ।

Homeopathic Repertory by James Tyler Kent : जेम्स टयलर केन्ट तब भी क्लासिक थे और आज भी हैं , देखा जाये तो आधुनिक रिपर्ट्री मे लक्षणॊं का आधार केन्ट से ही लिया गया है । केन्ट की रिपर्ट्री सबसे पुरानी भी है और सबसे वृहद भी ।

Boger Boenninghausen’s Repertory by Cyrus Maxwell

Dunham Notes

General Analysis by Cyrus Maxwell Boger

 डाउनलोड लिंक:

उपलब्ध संस्करणों की सूची

OpenRep FREE 1.6 (2008-11-30) MS Windows OpenRep FREE 1,6 (2008-11-30) MS Windows
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OpenRep FREE 1.6 (2008-11-30) all operating systems OpenRep FREE 1,6 (2008-11-30) सभी ऑपरेटिंग सिस्टम
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OpenRep -free open source homeopathic software :

courtesy : Vladimir Polony

OpenRep is the first truly free Open Source homeopathic software, developed by Vladimir Polony with only one goal – to provide functional and portable homeopathic software that could contribute to the whole homeopathic community. The whole design is driven by the functionality and ease of use, always offering the least complicated way of repertorizing and evaluating a homeopathic case. OpenRep is the first homeopathic software developed in Java, making it the most portable homeopathic software that can be run under a wide variety of operating systems.

The source code of OpenRep FREE is freely available for download making in the world’s first and only Open Source homeopathic software.

List of Repertories included  :

Open source repertory model
All the repertories used in OpenRep are open source, which means, that their source code is freely available and can be used in other softwares, publications, etc. provided, that the name of the author of the repertory and the repertory name is always visibly declared. The description of the repertory model of the repertories is available here.

Repertorium Publicum
The first open source repertory. It is based on the latest edition of Kent’s Homeopathic repertory and has undergone a lot of changes. For more information on the project, please see the Repertorium Publicum project page.

Short Repertory of Bach Flower Remedies by Vladimir Polony
This repertory was donated by its author Vladimir Polony and is declared to be open source. This means that it is open to any changes and modifications. See also BachFlowerOnline.com

Boenninghausen’s Repertory by Timothy Field Allen
This is the original Boenninghausen’s repertory composed by Baron Clemens Maria Franz von Boenninghausen and translated by T.F. Allen in 1891, although it is not as complete as Boenninghausen’s Repertory from C.M. Boger, it certainly does not lack the originality of approach. In this repertory we can clearly see the original Boenninghausen’s approach of dividing symptoms into their components according to Locality, Condition, Modality and Concomitants and repertorizing by putting these symptoms together based on patients symptomatology.

Sensations as if by Herbert Roberts
This is a truly unique repertory containing rare symptoms expressed as Sensations as if. It contains unique symptoms not listed even in the most modern repertories. This repertory is a must for a thorough prescriber.

Homeopathic Repertory by James Tyler Kent
This is a the classic among all the repertories. All the modern repertories have taken to some extent this repertory as their basis. It is the biggest and most complete of the older repertories.

Boenninghausen’s Repertory by Cyrus Maxwell Boger
A truly unique repertory that uses the characteristic approach of Boenninghausen. Although this repertory does not contain modern addition, from the point of view of completeness of remedies available in the repertory, it is considered the most complete and homogeneous repertory. The version you can find in OpenRep is the version from 1937 including Dunham’s notes.

General Analysis by Cyrus Maxwell Boger
Although small in size, this repertory is considered to be a life-saver when encountering difficult cases. It consists of a small number of very general symptoms with a lot of cross-references that allow to perform a general analysis of a case based on general symptoms and conditions.

Download Links :

List of available versions

OpenRep FREE 1.6 (2008-11-30) MS Windows
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OpenRep FREE 1.6 (2008-11-30) all operating systems
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होम्योपैथिक साफ़्टवेएर- "होम्पैथ-९ " का हिन्दी संस्करण (Hindi Hompath 9.0 – Review with Features)

चित्रों को साफ़ और बडॆ आकार मे देखने के लिये चित्र पर किल्क करें । ( चित्रों के स्त्रोत : Cure Series से लिये गये हैं )

होम्पैथ ९ की संक्षिप्त समीक्षा

(डा. जवाहर शाह और नीलेश रौजै के साथ फ़ोन वार्ता और मेल के आधार पर )

जल्द ही रिलीज होने वाले होम्पैथ ९ का हिंदी संस्करण के  साफ़्टवेएर की प्रतीक्षा काफ़ी दिनों से थी । रिपर्ट्राइजेशन ( Repertorisation ) होम्योपैथिक प्रेसेक्राइंबिग का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है । रोगी के लक्षणॊं को औषधि के लक्षणॊ  के साथ के मेल कराना इतना आसान नही जितना देखने मे लगता है । लेकिन रोगी उस भाषा मे नही बोलता जिसमे हमारी रिपर्टरी मे लक्षण समाये हैं । एक सफ़ल नुस्खे के लिये एक चिकित्सक के सामने महत्वपूर्ण कार्य रोगी के लक्षणॊं को रुब्रिक्स मे बदलना और उसके बाद लक्षणॊं के साथ मिलान कराना है । लेकिन अकसर अंग्रेजी  मे लिखे गये रुब्रिक्स ( रिपर्ट्री की भाषा ) को सही-२ रोगी की भाषा मे समझने मे कई बार भूलें हो जाती है जो विशेषकर  मानसिक लक्षणॊं को लेते वक्त देखी जा सकती हैं और नतीजा गलत प्रेसेक्रिप्शन । होम्पैथ ९ हिन्दी बहुल क्षेत्रों से आये चिकित्सकों के लिये एक महत्वपूर्ण साफ़्टवेएर सिद्द हो सकता है । जैसा कि नीलेश की मेल से लग रहा है कि इस मे फ़िलहाल केन्ट रिपर्ट्री और बोरिक को ही समावेश किया गया है ।

यह कितना user friendly होगा , यह आने पर ही मालूम पडेगा । अभी कुछ बाते स्पष्ट भी नही हैं , हिन्दी मे लिखने के लिये क्या अलग से साफ़्टवेएर डालना पडेगा ( जैसे बराह ) या इसको कोई और तरीके से जोडा है । अभी फ़िलहाल यह साफ़्टवेएर पॄर्ण समीक्षा के लिये उपलब्ध नही है , जैसे ही इसका डेमो आता है तब इसकी समीक्षा और सही –२ विशेलेषण हो सकेगा ।

माइन्ड मैपिंग साफ़्टवेएर ( Mind mapping software-a better way for expression)

किसी  विषय को एक प्रभावशाली ढंग मे व्यक्त करना भी एक कला है और अगर वह विषय अपने मूल थीम से जुडा लगे तो क्या कहना । "माइन्ड मैप " कुछ इसी तरह का ओपन आफ़िस फ़्रीवेएर साफ़्टवेएर है । जावा आधारित इस साफ़्टवेएर की  सहायता से मूल विषय को " root node " यानि  मुख्य जड गाँठ से जॊड कर और उससे जुडे विषय को अन्य गाँठॊं और शाखाओं में  दिखा सकते हैं ,शब्दों को कलात्मक ढंग से सजा सकते हैं  जो किसी भी प्रोजेक्ट को अत्यन्त प्रभावशाली बनाता है । लेकिन होम्योपैथिक चिठ्ठे पर इसकी आवशयकता क्यूं पडी । मैटेरिया मेडिका मे वर्णित औषधियों के हर लक्षण महत्वपूर्ण नही होते बल्कि कुछ प्रमुख लक्षणॊं पर ही दवा का चयन करना होता है । नीचे स्क्रीनशाट मे देखॆं कि अब औषधि को समझना और याद करना कितना सरल हो गया ।

"माइन्ड मैप " को इन्सटाल करने के पहले सुनिशिचित करें कि कम्पयूटर में जावा इन्सटाल है या नहीं , अगर नहीं है तो जावा इन्सटाल करें ।

"माइन्ड मैप " को डाऊनलोड करने के लिये यहाँ जाये ।

(चित्र को बड़े आकार में देखने के लिए उस पर क्लिक करें.)

Screenshot of Rumex

Screenshot of Aconite ( Thanks : Roger Knight )

Screenshot Of Anacardium ( Thanks : Roger Knight )

Screenshot of Lycopodium ( Thanks : Roger Knight )

A mind map is a diagram used to represent words, ideas, tasks or other items linked to and arranged radially around a central key word or idea. It is used to generate, visualize, structure and classify ideas, and as an aid in study, organization, problem solving, decision making, and writing.

It is an image-centered diagram that represents semantic or other connections between portions of information. By presenting these connections in a radial, non-linear graphical manner, it encourages a brainstorming approach to any given organizational task, eliminating the hurdle of initially establishing an intrinsically appropriate or relevant conceptual framework to work within.

A mind map is similar to a semantic network or cognitive map but there are no formal restrictions on the kinds of links used.

The elements are arranged intuitively according to the importance of the concepts and they are organized into groupings, branches, or areas. The uniform graphic formulation of the semantic structure of information on the method of gathering knowledge, may aid recall of existing memories.