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होम्योपैथिक दवाओं की गुणवत्ता और औषधि की मारक कार्यक्षमता पर विभिन्न घटकों का प्रभाव

आस्ट्रिया की एक होम्योपैथिक कम्पनी रेमीडिया होम्योपैथिका की साइट पर मुझे  एक वीडियो देखकर बहुत अचरज हुआ । आरम मेटेलीकम (Aurum Metallicum )/ आरम फ़ोलोवेटेम (Aurum Foliatum )पर इस वीडियो मे कम्पनी  के नुमाइन्दे का कहना है कि गोल्ड के इस होम्यो औषधि मे वह गोल्ड लीफ़ का प्रयोग कर रहे हैं , जहाँ अन्य कम्पनियाँ गोल्ड  को chemically extract कर के दवा बनाने मे प्रयोग करते हैं । तो इसका क्या मतलब हुआ कि अन्य कम्पनिया गोल्ड के इस दवा को गलत ढंग से बना रही हैं । इस संदर्भ में मैटेरिया मेडिका प्यूरा मे हैनिमैन के दृष्टिकोण को भी जानने की इच्छा हुयी  । हैनिमैन लिखते हैं ,

"In this place I will speak only of gold, and not of this metal altered by the ordinary chemical processes, consequently not of it dissolved by the action of acids nor percipitated from its solution (fulminating gold), both of which have been declared to be, if not useless, then absolutely noxious, apparently because they cannot be taken without dangerous consequences when given in what is called a justa dosis, or, in other words, in excessive quantity.

No! I speak of pure gold not altered by chemical manipulations." 

तो जाहिर है कि हैनिमैन गोल्ड को chemically extract के रुप मे लेकर चलने के पक्ष मे नही थे ।

हैनिमैन के समय मे गोल्ड को शुद्ध रुप मे करने के लिये मरकरी का अधिकतर प्रयोग किया जाता रहा था । लेकिन १८८३ के अमेरिकन होम्योपैथिक फ़ारमाकोपिया मे गोल्ड को विचूर्ण बनाने के पहले अम्लीय तरीको से शुद्ध करने की भी बात कही गयी है । देखें यहाँ ।

http://books.google.com/books?id=80WV1tHAEA4C

सन्‌ १८८७ मे बरनेट ने आरम फ़ोलियम की प्रूविगं की , एक शोध पत्र  के जरिये ("Gold as a Remedy in Diseases") बरनेट ने गोल्ड की इस प्रूविगं मे उत्पन्न लक्षणॊं को हैनिमैन द्वारा की गयॊ प्रूविगं के समतुल्य पाया ।

लेकिन कुछ भी हो औषधि की मारक कार्यक्षमता पर विभिन्न घटकों का प्रभाव अवशय पडता है । जडी बूटी किस क्षेत्र से ली गई है , उसकी भौगोलिक परिस्थितियाँ आदि भी कार्य क्षमता को प्रभावित करते हैं । मुझे स्मरण है कि लखनऊ मे आज से लगभग २० वर्ष पूर्व कैसरबाग मे जयहिन्द सिनेमा (  वर्तमान मे जयहिन्द काम्पेल्क्स ) के सामने डा. ऐ.पी.अरोडा जी की हैनिमैन लैब हुआ करती थी । उनका  बनाया गया यूकलेप्ट्स ( Eucalyptus) मदर टिन्चर की  कार्य क्षमता सामान्य ज्वर मे अन्य कम्पनियों के बनाये गये यूकलेप्ट्स टिन्चर से कई अधिक प्रभावशाली थी। यहाँ तक आज बोरोन और बैकसन का यूकलेप्ट्स भी उतना प्रभावशाली नही है। डा. अरोडा इसकी जडी बूटी के लिये पहाडी क्षेत्र के यूकलेप्ट्स  का प्रयोग करते थे जबकि सामान्तया दवा निर्माता मैदानी इलाकों से ही ले  लेते हैं ।

इसी तरह दमे मे प्रयोग होने वाली ब्लाटा का रोल अपने देश के काकरोच से बनाई हुई दवा ( Blataa Orientalis ) मे नही मिलता । ब्लाटा की प्रूविगं अमेरिकन काकारोच ( Blataa Americana )पर हुई थी ।

Anshutz की New, old & forgotten remedies मे gaultheria Q का जो वर्णन मिलता है वैसी gaultheria तेज गंध लिये नही मिलती , मुझे सिर्फ़ एक बार ऐसा gaultheria Q किसी स्टॊर से मिला था और उसके जैसा बढिया दर्द निवारक मैने अन्य कही नही देखा । लेकिन इधर कई सालों से लिये इस दवा का प्रयोग क्वालिटी के अभाव के कारण बंद सा कर दिया है ।

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प्रूविगं.इन्फ़ो -एक अद्वितीय साइट

Provings.info अपने मे एक  अद्वितीय साइट है. वर्तमान में इस साइट के डाटाबेस मे  2387 एकल होम्योपैथिक औषधियों का संग्रह है , तकरीबन ९३८ औषधियों को उनके दवा परीक्षण के आधार पर डाला गय है और सबसे बडी बात है कि यह प्रविष्टियां लगातार बढती जा रही है ।

इस साइट पर सर्च करने के कई और विकल्प भी है जैसे एक खोजी अगर पदार्थ पर सर्च का विकल्प चाहता है तो उसे उस निर्मित पदार्थ के लैटिन , अंग्रेजी और जरमन नाम की जानकारी मिल सकती है ।

सर्च का दूसरा विकल्प वर्गीकरण या  Taxonomy पर है जिसके मदद से किसी भी निर्मित होम्योपैथिक पदार्थ के  families, orders और classes को जाना जा सकता है । विस्तारित खोज (extended search ) के माध्यम से औषधि को सीधे किल्क करके उसका मूल लेख भी पढ सकते हैं

कुछ नयी होम्योपैथिक औषधियों के औषधि परीक्षण-1 (The Provings of new Homeopathic Remedies-1)

  होम्योपैथिक औषधियों के परीक्षण स्वस्थ मनुषयों पर किये जाते हैं । इधर हाल के दिनों मे कई नई औषधियों का समावेश हुआ है , यह बात कि अलबत्ता कि यह भारत मे उपलब्ध नहीं है । टन्ब्रिज वेल्स , केन्ट की हिलोऐस फ़ार्मेसी इन औषधियों के अधिकृत विक्रेता हैं ।

 


Go to the AIDS proving.

The AIDS Nosode

The nosode prepared from the blood of a man diagnosed as having Acquired Immune Deficiency Syndrome who subsequently died of Syndrome related diseases.

Conducted by Misha Norland at The School of Homœopathy in 1994 and 1995.

Go to the Falco proving.

Falco Peregrinus Disciplinatus

Trained Peregrine Falcon

A remedy prepared from the blood and feather of a Peregrine Tiercel who had been bred in captivity and trained to hunt in the traditional manner.

Conducted by Misha Norland at
The School of Homœopathy in 1997.

Go to the Positronium proving.

Positronium

Antimatter

The radiation produced in the annihilation of Positronium atoms.

Conducted by Misha Norland at The School of Homœopathy in 1998.


Go to the Dreaming Potency proving.

Dreaming Potency

A remedy prepared from a medicine given to Janet Snowdon by Sangomas in South Africa.

Conducted by Janet Snowdon in Bath in 1996.


Go to the Proving of Kauri.

Agathis Australis

Kauri

A remedy prepared from the gum of the magnificent Kauri tree of New Zealand.

Conducted by Misha Norland
at The School of Homœopathy.


Go to the Proving of Lava.

Lava

Basaltic Lava from Flagstaff Arizona.

Conducted by Misha Norland at The School of Homœopathy


Go to the Proving of Crack Willow.

Salix fragilis

Crack Willow

Conducted by Penny Stirling in Bristol in 1998.

Go to the Proving of North Wales Slate.

North Wales Slate

Conducted by Misha Norland in Czechoslovakia
and by Andy Brachi and Jenny Hill in North Wales

Summer 1996

Go to the Proving of
Knopper Oak Galls

Knopper Oak Gall

Gall on Quercus pendunculata caused by the wasp Cynips calicis.

Conducted by Misha Norland in Moravia in 1998.

Go to the Proving of
LSD-25

LSD-25

D-Lysergic Acid Diethylamide

Conducted by Misha Norland
at The School of Homœopathy in 1999.

Go to the Proving of Heroin

Heroin

Dia-morphione

Conducted by Janet Snowdon in 1999 and 2000

Go to the Proving of Reindeer Moss

Reindeer Moss

Cladonia rangiferina

Conducted by Misha Norland
at the School of Homœopathy in 2000

Go to the Proving of Bewick Swan

Cygnus Bewickii

The Bewick Swan

Conducted by Penny Stirling in Bristol 2002

Go to the Proving of Rubber

Latex vulcani

Vulcanized Rubber prepared from a natural latex condom.

Conducted by Misha Norland and Peter Fraser
at The School of Homœopathy in 2001

Go to the Proving of Buckyballs

Carbo Fullerenum

Buckyballs or Carbon 60

Conducted by Misha Norland and Peter Fraser
at The School of Homœopathy in 2002

Go to the Proving of Galium Aparine

Galium aparine

Cleavers or Goosegrass

Conducted by Misha Norland and Peter Fraser
at The School of Homœopathy in 2003

Go to the Proving of Passer domesticus

Passer domesticus

The House Sparrow

Conducted by Misha Norland and Peter Fraser
at the School of Homœopathy in 2004

Go to the Proving of
Pavo Cristatus

Pavo cristatus

Peacock Feather

Conducted by Peter Fraser
and members of The Homœopathic Development and Research Centre Kathmandu, Nepal in 2005

Go to the Proving of
Blatta orientalis

Blatta orientalis

Cockroach

Conducted by Dr. Munjal Thakar
in Bombay in 1995

Provings now being Collated

Provings whose results are now being collated and prepared for publication on this site include:

Aqua nova

Conducted by Misha Norland and Peter Fraser
at the School of Homœopathy in 2006

Amphisbaena alba

Conducted by Misha Norland
at the School of Homœopathy in 2001

The Provings of New Homœopathic Remedies

The texts of the following provings are available on this site or are in the process of being compiled. Each proving includes the symptoms as recorded by the provers or their supervisors, an introduction by the proving’s organizer and other information about the substance, a repertorization and details of cured cases.

Creative Commons License
These provings are licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-ShareAlike 2.5 License.

Obtaining Remedies

All these provings were conducted with Remedies that are available from Helios Homœopathic Pharmacy in Tunbridge Wells, Kent, England. Helios is both knowledgeable about and supportive of the proving of new remedies.

Go to the Helios Website at www.helios.co.uk