Category Archives: बैच फ़्लावर औषधि

मॆरी डायरी– “ बैच फ़्लावर रेमेडी– रॆसक्यू रॆमॆडी ( Rescue Remedy ) ”

FiveFlowerRescue

अगर बैच फ़्लावर औषधियों मे से एक दवा को निर्विवाद   रुप से चयन करने को कहा जाये तो रेस्क्यू रेमेडी का आसानी से चुनाव किया जा सकता है । एक  ऐसी औषधि जिसे हर होम्योपैथिक चिकित्सक की शेल्फ़ मे होना चाहिये लेकिन अफ़सोस वह  अधिकाशं चिकित्सकॊं के पास नही पायी जाती ।   बैच फ़्लावर औषधियों को प्रयोग मे न लाने के लिये जिम्मेदार CCH यानी सेन्ट्र्ल काउनसिल आफ़ होम्योपैथी का ऊबाऊ पाठ्यक्रम है जिसे B.H.M.S. के छात्रों पर थोपा गया है । इस विषय  पर चर्चा अन्य किसी लेख मे करुगाँ लेकिन इसमे कोई अतिशयोक्ति नही है कि एक समृद्ध होम्योपैथिक मैटेरिया मेडिका और उसके साथ अन्य वैकलिप्क पद्दतियों  का होम्योपैथिक पाठयक्रम मे उचित समावेश नही किया गया है ।

रेसक्यू रेमेडी में  पाँच बैच फ़्लावर दवाओं  का कम्बीनेशन है । इनमें से प्रमुख हैं :

  • राक रोज (Rock Rose)
  • इम्पेशेंस (Impatiens)
  • क्लेमाटिस (Clematis):
  • चेरी प्लम (Cherry Plum)
  • स्टार आफ़ बेथलम ( star of Bethlem )

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि रेसक्य़ू रेमेडी क काम आपातकालीन परिस्थितियों और प्राथिमिक उपचारों ( First Aid ) मे किया जाता है । दवा को खाने के लिये  देते हैं और साथ ही मे चोट और जलने की परिस्थितियों  मे इसको पानी मे डालकर बाहर से लगाने के लिये भी दे सकते हैं ।

हाल ही में मियामी विश्वविद्यालय द्वारा एक नव प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया है कि बैच फ़्लावर औषधी रेसक्य़ू अवसाद और चिंता ग्रस्त रोगियों के लिये वरदान साबित हो सकती है । यह शोध कार्य मियामी राज्य के विशविधायलय के डॉ. रॉबर्ट हलबरस्टीन ने सर्कीन क्रियेटेव केन्द्र( SCLC )  के साथ संयोजित रुप से किया था ।

रेसक्य़ू रेमेडी के  पाँच घटकं दवाओं का कार्य क्षेत्र निम्म है :

राक रोज (Rock Rose) : आतंक, चरम सीमा का भय। राक रोज का सेवन तब करना चाहिए जब कोई एक दम आतंकित हो जाए, भले ही उसका स्वास्थ्य अच्छा हो या जब किसी दुर्घटनाग्रस्त होने से आतंक हो तो यह दवा प्रयोग की जाती है। दुर्घटना में बाल-बाल बचने के बाद भी उसका आतंक व्यक्ति पर छाया हो। रोगी के साथ दुर्घटना के कारण यदि आस-पास के लोगों में भी आतंक या भय छाया हो तो उन्हें भी यह दवा देनी चाहिए।

इम्पेशेंस (Impatience) : अधीरता,चिड़चिड़ापन, चरम मानसिक तनाव। किसी दुर्घटना के बाद की उत्तेजित अवस्था म चिडचिडापन और मानसिक तनाव से बचाती है ।

क्लेमाटिस (Clematis): उदासीनता, दिवास्वप्न देखना, असावधान। किसी दुर्घटना के फ़लस्वरुप हुई बेहोशी , खुमारी या स्वभाविक नींद से दूर करती है ।

चेरी प्ल्म (Cherry Plum): असहनीय पीडा , मानसिक नियंत्रण खोने का भय। घोर निराशा। स्नाययिक विकार के कारण घोर निराशा और उससे बचने के लिए आत्महत्या करने की चाह/प्रवृत्ति रखने वाले व्यक्तियों के लिए यह काफी उपयोगी औषधि है।

स्टार आफ़ बेथलम ( star of Bethlem ) : मानसिक या शारीरिक झटके के बाद के असर । मन पर लगने वाली चोटॊं का असर जिससे मानसिक और शारीरिक सन्तुलन का बिगड जाना ।

RESCUE REMEDY

A combination of five flower remedies useful as a First Aid in case of emergency or accident.
The components of Rescue Remedy are:
1) Star of Bethlehem – for trauma and numbness.
2) Rock Rose – for terror and panic.
3) Impatiens – for irritability and tension.
4) Cherry Plum – for fear of losing control.
5) Clematis – for the tendency to ‘pass out’, the sensation of being ‘far away’ that often precedes unconscious.

KEYNOTES

1-useful in emergency situations to prevent or quickly overcome the (mental) trauma.
2-useful in states of mental turmoil (after quarrels or disputes, after sudden bad news, after fright).
3-useful for impending events which may be causing anxiety or apprehension (visit to the dentist, attending divorce proceedings, a job interview, before a driving test or a surgery).
4-useful if one has to work in an atmosphere of permanent stress (stressful job, displeasure at work, in a courtroom, a hospital casualty department).
5-useful in burns, sprains, stings, bumps or blows, it can be used as a local application.
6-useful & ointment can be used as a precautionary to prevent soreness or blistering following friction by running or playing tennis etc.

यह भी देखें :

१- चेस्टनट–होम्योपैथिक और बैचफ़्लावर पद्दतियों मे उपयोग ( Chestnut–Homeopathic & Bach flower uses )
२-  मेरी डायरी से -“बैच फ़्लावर औषधि–पाइन”
३- मेरी डायरी से -बैच फ़्लावर औषधि -‘Vine’ – ‘वाइन’ और ‘वरवैन’ ( Vervain )

मेरी डायरी से -“बैच फ़्लावर औषधि–पाइन”

pine

वनस्पति शास्त्र में चीड़ या पाइन को कोनीफरेलीज़ (Coniferales) आर्डर में रखा गया है। चीड़ दो प्रकार के होते हैं : (1) कोमल या सफेद, जिसे हैप्लोज़ाइलॉन (Haploxylon) और (2) कठोर या पीला चीड़, जिसे डिप्लोज़ाइलॉन (Diploxylon) कहते हैं। कोमल चीड़ की पत्तियों में एक वाहिनी बंडल होता है, और एक गुच्छे में पाँच, या  कम पत्तियाँ होती हैं। वसंत और सूखे मौसम की बनी लकड़ियों में विशेष अंतर नहीं होता। कठोर या पीले चीड़ में एक गुच्छे में दो अथवा तीन पत्तियाँ होती हैं। इनकी वसंत और सूखे ऋतु की लकड़ियों में काफी अंतर होता है।

चीड की लकडी का आर्थिक महत्व भी है, विशव की लकडी की काफ़ी माँग चीड द्वारा पूरी की जाती है । चीड़ की बहुत सी जातियों के बीज खाने के काम आते हैं, जिनमें पश्चिमोत्तर हिमालय का चिलगोजा चीड़ अपने सूखे फल के लिये प्रसिद्ध और मूल्यवान् है। जैसे भारत और पाकिस्तान में – पा. जिरार्डियाना (P. gerardiana) अर्थात् चिलगोजा, यूरोप में – पा. पिनिया (P. pinea) तथा पा. सेंब्रा (P. cembra),  उत्तरी अमरीका में – पा. सेंब्रायडिस (P. cembroides) की कई किस्में, अमरीका के पा. लेंबरर्टिना (P. lambertina) की छाल से खरोंचकर रेजिन की तरह एक पदार्थ निकालते हैं, जो चीनी की तरह मीठा होता है। इसे चीड़ की चीनी कहते हैं।

औषधि के रुप में बैच फ़्लावर मे पाइन एक विशेष प्रजाति Pinus sylvestris  से बनायी जाती है ।

self reproach personality of Pine

 

बैच फ़्ल्लावर औषधि “पाइन” का विशेष लक्षण है , ’ Self-reproach‘ यानि प्रत्येक गलती के लिये अपने को दोषी ठहराना ,यह ” guilt complex ” या उनमें व्याप्त दोष भाव इतना अधिक प्रबल होता है कि वे किसी भी  घटना के लिये भी अपने को दोषी मानते हैं ।

लेकिन  इस  एक्मात्र लक्षण से एक रोगी मे व्याप्त उसकी कई मानसिक  समस्यायें इतनी जल्दी  दूर होगीं , यह मैने सोचा भी न था । श्री मु.अ. मुस्लिम धर्म के अनुयायी है । पिछ्ले साल रमजान के दिनों मे वह मुझसे मिले । समस्या अनिद्रा की थी । पिछ्ले कई महीनों से उनकी दिन और रात दोनों की ही नीद गायब थी । और गत तीन सप्ताह से किसी   मानसिक रोग विशेषज्ञ से वह इलाज करा रहे थे लेकिन कई anti depressants और नींद की दवा चलने के बावजूद वह सन्तुष्ट नही थे । नीद न आने का कारण  बताने में वह असमर्थ थे  लेकिन कुछ तो था …. जो उनको इतना अधिक व्याकुल और व्यथित किये जा रहा था । लेकिन रोगी खुल कर बताने  को तैयार नही हुआ और इस हाल में जिसका डर था वही हुआ , पहला  प्रिसक्रपशन  coffea 200 देने से कुछ भी लाभ  न हुआ ।

दो दिन बाद उनके घर से उनकी पत्नी और बेटे को बुलाना पडा । इस बार केस हिस्ट्री  पूरी तरह से ली गई । ज्ञात हुआ कि वह सनू २०१० मे वे एक उच्च  सरकारी पद से रिटायर हुये थे , जो ग्रैच्चुयिटी आदि उनको मिली वह ब्याज समेत  थी । और शायद यही उनके मन की उलझन भी थी । दोष भाव या guilt complex से वह इतना अधिक ग्रस्त थे कि बात –२ पर वह रो पडते । ज्ञात हो कि मुस्लिम धर्म में उनके शास्त्रों के अनुसार  ब्याज की रकम का उपयोग वर्जित है । और यही उनके मन की उलझन  का कारण भी था ।

मेरे सामने दो विकल्प थे ;होम्योपैथी या बैच फ़्लावर । लेकिन बैच फ़्लावर को अधिक सुगमता और सरलता की वजह से प्राथमिकता दी । पाइन की कुछ खुराखॊ मे वह पूर्णतया स्वस्थ हुये । दो दिन बाद वह जब मुझसे मिले तो प्रसन्नचित थे , नीद तो भरपूर आथी थी और साथ ही मन की उलझनें तो बिल्कुल नही दिखीं । मैने हँसते हुये उनसे पूछा कि ब्याज की रकम की समस्या का निपटारा कैसे करेगें जनाब , बिल्कुल हलके मन से वह बोले इसका भी उचित समाधान निकाल लूगाँ ।

बैच फ़्लावर औषधियों की यह  एक प्रमुख विशेषता है जो मुझे इस पद्दति में आकृष्ट करती है , रोगी के ऋण पक्ष (negative thoughts) को धन्न पक्ष ( positive thoughts ) में बदलना ।

पाइन स्वभाव वाले व्यक्तित्व के कुछ और ऋण पक्ष : 

  • हीन भावना (guilty complex )
  • स्वदोषी ( self reproach )
  • अन्तर्मुखी ( introvert )
  • बात-२ में क्षमा करने का उपयोग करना ।
  • दूसरों के दोषों के लिये भी अपने को दोषी ठहराना ।
  • संकोची व्यक्तित्व

KEYNOTES OF PINE :-

  Self-reproach, guilt feelings, despondency.
-Tired and worn out feeling.
-Never really satisfied with themselves.
-Blame themselves, asks more of himself than of others, and if the high standards applied to himself cannot be lived up to, he feels guilty and desperately blames himself in his heart.
-Will tend to be the scapegoat in the class and will uncomplainingly take the punishments for crimes they have not even committed.
-Always apologizing and using apologetic phrases in conversation.
-Feels guilty when need arises to speak firmly to others.
-Childish nervousness.
-Feels unworthy, inferior. Considers self a coward.
-Masochistic desire to sacrifice themselves and may punish themselves for life by choosing an inconsiderate partner.
-Religious beliefs strong, sees sexuality as sin.
-Negative narcissism.
-Personality shuts itself off from love, feels undeserving of love.
-Feeling he does not deserve anything.
-Introverted, little joy in life.

इसको भी देखें :

चेस्टनट–होम्योपैथिक और बैचफ़्लावर पद्दतियों मे उपयोग ( Chestnut–Homeopathic & Bach flower uses )