Monthly Archives: मई 2013

एन्ड्रोएड स्मार्ट्फ़ोन्स और टैबलैट के लिये होम्योपैथिक एपलीकेशन( Homeopathic apps for Android Smart phones and tablets )

होम्योपैथी-नई सोच/नई दिशायें

पिछ्ले दिनों अपने इलेक्ट्रोनिक गैजैडस मे एक और इजाफ़ा किया । अब कि  बारी थी टैबलेट की । बाजार मे कई आप्शन  सर्च किये किसी का प्रोसेसर  धीमा था , किसी मे ग्राफ़िक कार्ड की कमी थी और किसी मे calling की सुविधा नही थी आदि –२ । लेकिन सबसे बडी बात जो थी कि जेब भी मै बहुत अधिक ढीली नही करना चाहता था “Smile  बात फ़िर आकर  रुकी एक नानब्रान्डन्ड टैबलैट I Berrry की जिसमे मुझे वह सारे आप्शन मिल गये जिसको मै ढूँढ रहा था । अपने अनुज मित्रों मो. तल्हा और फ़जले रहीम का आभारी हूँ जिन्होने इस सर्च को और भी अधिक आसान  बनाने मे मदद की ।

The Auxus AX03G has the following specifications:

SYSTEM PROCESSOR
• CPU: 1.0 GHz ARM Cortex A8
• GPU: Dual Mali-400 OpenGL 2.0
• VPU: Dedicated Full HD Video processing
OPERATING SYSTEM
Android 4.0 Ice-Cream…

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वर्ष 2013-14 सहित बारहवीं पंच वर्षीय योजना के दौरान आयुष विभाग की प्राथमिकताएं

वर्ष 2013-14 सहित बारहवीं पंच वर्षीय योजना के दौरान आयुष विभाग की प्राथमिकताएं

देश के कोने-कोने में प्रत्येक व्यक्ति को पूर्ण स्वास्थ्य के दायरे में लाना बाहरवीं पंच वर्षीय योजना की एक प्राथमिकता है। इस दौरान आयुष चिकित्सा प्रणाली की विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए उसे आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों के साथ-साथ प्रयोग में लाया जाएगा। रोगों से बचाव, विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ व्यक्तियों को ध्यान में रखते हुए नॉन कम्यूनिकेबल बीमारियों में, तनाव के प्रबंधन में, मानसिक रोगों की चिकित्सा में, बीमारियों से जूझते व्यक्तियों की देखभाल में और स्वस्थ्य लाभ में आयुष का प्रयोग किया जाएगा।

बारहवीं पंच वर्षीय योजना के महत्वपूर्ण उद्देश्य : –

बाहरवीं पंच वर्षीय योजनाओं में आयुष के लिए 10,044 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। जबकी ग्यारहवीं पंच वर्षीय योजना में केवल 2994 करोड़ रूपये ही जिन उद्देश्यों के लिए खर्च किए गए वे हैः

1. स्वास्थ्य सेवाओं में आयुष के प्रयोग को बढ़ाया गया।

2. आयुष विभाग ने आयुष की विशेषताओं को चिकित्सा, विशेषतौर पर महिलाओं बच्चों और बुजुर्गों के लिए, मानसिक बीमारियों के चिकित्सा में, तनाव के प्रबन्धन में, बीमार व्यक्तियों की देखभाल में और पुनर्वास में किया।

बारहवीं पंच वर्षीय योजना के अंतर्गत जो सुझाव दिए गए हैं उनमें इन संस्थाओं को शुरू करने की सिफारिश की गई है : –

1. होमियोपैथी मेडिसिन फार्मास्यूटिकल कंपनी लिमिटेड

2. अखिल भारतीय योग संस्थान

3. अखिल भारतीय होमियोपैथी संस्थान

4. अखिल भारतीय यूनानी चिकित्सा संस्थान

5. राष्ट्रीय सोवा रिग्पा संस्थान

6. राष्ट्रीय औषधीय पौध संस्थान

7. राष्ट्रीय आयुष पुस्तकालय और अभिलेखागार

8. केंद्रीय सोवा रिग्पा अनुसंधान परिषद

9. आयुष संबंधित राष्ट्रीय मानव संसाधन आयोग

10. आयुष के लिए केंद्रीय दवा नियंत्रक

11. आयुष औषध प्रणाली का भारतीय संस्थान

12. राष्ट्रीय जराचिकित्सा संस्थान

13. मेटाबॉलिक तथा लाइफ-स्टाइल बीमारियों का राष्ट्रीय संस्थान

14. राष्ट्रीय ड्रग तंबाकू निवारण संस्थान

नए कार्यक्रम : आयुष के राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत कुछ और नए कार्यक्रमों की सिफारिश की गई है जो कि इस प्रकार हैः

1. आयुष ग्राम

2. फार्मेको विजिलेंश इनिशियेटिव फोर ए.एस.यू. ड्रग्स

3. शोध परिषद की इकाइयों को प्रभावी बनाना

4. राष्ट्रीय आयुष हैल्थ प्रोग्राम

5. अस्पताल और डिस्पेंसरी (आयुष के साथ-साथ राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन-एक फ्लेक्सिपूल)

source : http://www.pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx?relid=21511

Convert AYUSH department into a full- fledged Ministry – PAC

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  • similima (225)

    The Public Accounts Committee in its Thirty- second Report (Fifteenth Lok Sabha) has recommended converting the Department of AYUSH into full- fledged Ministry, to be named as Ministry of Indigenous Systems of Medicine or AYUSH Ministry.

    The Department has taken several steps to make people aware about efficacy, efficiency and strengths of AYUSH systems of medicines, so as to encourage them to use these medicines.

    The Department organizes Arogya fairs at National & State level. Recently, State level fairs have been organized at Arunachal Pradesh, Mizoram, Madhya Pradesh, Sikkim and National level Arogya at Hyderabad. During the fairs folders, booklets and leaflets and other publicity materials published by the Department are distributed to the public for enhancing their awareness.

    Source : http://pib.nic.in/newsite/erelease.aspx?relid=95311

    Read the story : http://www.similima.com/convert-ayush-department-into-a-full-fledged-ministry-pac

    Immunological studies on Rheumatoid Arthritis treated with Homeopathic drugs: Results of the Pilot Study

    Research Paper from CCRH

    Immunological studies on Rheumatoid Arthritis treated with Homeopathic drugs: Results of the Pilot Study by  Prakash Rao  & Nagalakshmi Prasanna M
    Clinical Research Unit (Homoeopathy) Puducherry
    Senior Research Fellow, JIPMER, Puducherry

    Introduction & Objective: Rheumatoid Arthritis (RA), a systemic disease, is characterized by a chronic inflammatory reaction in the synovium of joints. The inflammation is mediated by inflammatory cytokines. The objective of the study was to evaluate efficacy of homeopathic drugs and changes in the cytokine profile of rheumatoid arthritis patients treated with homeopathic drugs. Materials and Methods: A total of 35 rheumatoid arthritis patients and 10 healthy controls completed this pilot study. The patients were treated with Rhus tox. (8), Pulsatilla (8) and Medorrhinum (9) according to totality of symptoms. The control group (10) received placebo. The patients were evaluated for disease activity at the time of enrollment in the study and after 3 weeks of therapy. Serum cytokine levels (IL-1α, IL-1β, IL-2, IL-6 and TNF-α) were measured at baseline and after 3 weeks of treatment.
    Result: Patients receiving Rhus tox. showed significant improvement in Patient Visual Analogue Score (VAS) for global assessment of disease after 3 weeks of therapy compared to placebo group(p = 0.03). Patients receiving Pulsatilla showed a significant improvement in tender joint count (p = 0.01) at the end of 3 weeks compared to baseline. They also showed significant decrease in ESR (p
    = 0.02) as compared to placebo. However, hs-CRP values in treatment groups did not show significant difference when compared to the placebo group at baseline and after therapy. There was a significant decrease in IL 6 levels after 3 weeks of therapy in the patients treated with Rhus tox. and Medorrhinum
    compared to placebo (p=0.05 and 0.04 respectively). Surprisingly, there was a significant increase in IL 6 level in the placebo group compared to their baseline values (p = 0.04), suggesting ineffectiveness of placebo and worsening of the disease process.
    Conclusion: In the present open label placebo controlled pilot study patients treated with 3 weeks of homeopathic drugs showed improvement in clinical features, reduction in parameters of inflammation and IL6 levels. These observations suggest a possible immunomodulatory role of homeopathic drugs in Rheumatoid Arthritis which need to be confirmed by further studies.

    Detailed Report with download link : http://homeopathyresearches.blogspot.in/2013/05/immunological-studies-on-rheumatoid.html