Monthly Archives: फ़रवरी 2013

होम्योपैथिक क्लीनिकल प्रैक्टिस के कई अलग -२ तरीके हैं । एक विवाद जो बिलावजह अकसर खडा किया जाता रहा है वह क्लासिकल होम्योपैथी और तिकडमी होम्योपैथी के बीच चर्चा मे रहा है 🙂 वैसे यह भी एक इतफ़ाक है कि तिकडमी होम्योपैथ क्लासिकल की अपेक्षा अधिक कामयाब रहते हैं 🙂 Uta Mittelstadt का यह लेख उन क्लासिकल होम्योपैथों जो पूर्वाग्रहों से ग्रस्त हैं , आँखें खोलने वाला है ।

Clever Homeopathy

Organopathy is a form of treatment where unlike in classical homeopathic case-taking the locality of the symptoms expressed and their relation to a specific organ determine the remedy to be described [1].

This approach originated from folk medical practice and was initially coined by Paracelsus (1493-1541) and his dictum of “similar must be compared to similar” [6]. The idea underlying this was that an illness would be cured by a herbal medicine that had similar characteristics [3] expressed in its signature. Signature, as a doctrine, described the structure and characteristics of plants and their resemblance to organs or organs systems [9]. To Paracelsus this meant, that a disturbance in the organs of the body could be matched by a herbal remedy that had characteristics similar to the disease symptoms expressed in the organ or organ system of the patient [8], and as such could be curative to that particular illness.

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केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद ने होम्योपैथी में M.D. करने के नये विकल्प दिये …

केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद (CCH ) ने चार नये विषयों में स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रम के मसौदे को मंजूरी दे दी और साथ ही मे सभी राज्य /संघ राज्य क्षेत्र सरकारों और विशवविधालयों से होम्योपैथी स्नातकोत्तर विनियम में प्रस्तावित संशोधनों पर अपनी टिप्पणी भेजने का अनुरोध भी किया है ।

चार नए पाठ्यक्रम

  • Anatomy
  • Physiology
  • Pathology
  • Forensic Medicine

सीसीएच के पीजी समिति ने उपरोक्त विषयों के लिए एक विस्तृत स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम तैयार किया है जो संभावित नये सत्र से लागू किया जायेगा ।

गौरतलब है कि जो पूर्व पाठयक्रम पहले से ही चल रहे हैं उनके अलावा इन पाठक्रमों का समावेश किया गया है ।

मौजूदा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम

  • Materia Medica
  • Organon of Medicine
  • Repertory
  • Practice of Medicine
  • Pediatrics
  • Homeopathic Pharmacy
  • Psychiatry

साभार : डां मन्सूर अली : http://www.similima.com/four-new-postgraduate-courses-in-homoeopathy

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