मेरी डायरी से – रोडोडेंड्रॉन ( Rhododendron)

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उत्तराखंड के कुमांयु मण्डल की मेरी सपरिवार यह दूसरी यात्रा थी । पिछ्ली बार नैनीताल, मुक्तेशवर , भवाली को कवर किया था और  इस बार  कौसानी लक्ष्य था । नैनीताल से कौसानी जाते समय कुछ पल रानीखेत मे बिताये । पिछ्ली बार भवाली की मार्केट मे चेस्टनेट  को देखकर उसके होम्योपैथिक और बैचफ़्लावर दवाओं मे प्रयोगों का स्मरण आ गया था ( देखें यहाँ) और इसबार  रानीखेत मे रोडोन्डून ( बुरांश ) का स्थानीय उपयोगों और उसके होम्योपैथिक प्रयोगों को देखकर यह पोस्ट लिखने का विचार आया ।

रानीखेत में अगर आप चौबटिया गार्डेन घूमने  जा रहे हो तो यहाँ पहाडी फ़ूल बुरांश का शरबत अवशय खरीदें और पीयें । यह स्वादिष्ट खट्टा मीठा स्वाद वाला शरबत है और यह हृदय रोगियों के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। चौबटिया गार्डेन में सेब का बगीचा है जिसे सरकार चलाती है । यहाँ फ़ैले जंगलो में  सेब , अलूचे, और आडु जैसे फ़लों की खेती की जाती है ।

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रोडोडेंड्रॉन की कई प्रजातियाँ बागवानी और औषधि के रुप में प्रयोग की जाती हैं । हिमालयी क्षेत्रों में 1500 से 3600 मीटर की ऊंचाई पर पाया जाने वाला बुरांस मध्यम ऊंचाई पर पाया जाने वाला सदाबहार वृक्ष है। बुरांस के पेड़ों पर मार्च-अप्रैल माह में लाल सूर्ख रंग के फूल खिलते हैं। बुरांस के फूलों का इस्तेमाल दवाइयों में किया जाता है, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल स्त्रोतों को यथावत रखने में बुरांस महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बुरांस या बुरुंश (रोडोडेंड्रॉन / Rhododendron ) सुन्दर फूलों वाला एक वृक्ष है। बुरांस का पेड़ जहां उत्तराखंड का राज्य वृक्ष है, वहीं नेपाल में बुरांस के फूल को राष्ट्रीय फूल घोषित किया गया है। गर्मियों के दिनों में ऊंची पहाडिय़ों पर खिलने वाले बुरांस के सूर्ख फूलों से पहाडिय़ां भर जाती हैं।

रोडोडेंड्राँन (Rhododendron), झाड़ी अथवा वृक्ष की ऊँचाईवाला पौधा है, जो एरिकेसिई कुल (Ericaceae) में रखा जाता है। इसकी लगभग 300 जातियाँ उत्तरी गोलार्ध की ठंडी जगहों में पाई जाती हैं। अपने वृक्ष की सुंदरता और सुंदर गुच्छेदार फूलों के कारण यह यूरोप की वाटिकाओं में बहुधा लगाया जाता है। भारत में रोडोडेंड्रॉन की कई जातियाँ पूर्वी हिमालय पर बहुतायत से उगती हैं। रोडोडेंड्रॉन आरबोरियम (Rhododendron arboreum ) अपने सुंदर चमकदार गाढ़े लाल रंग के फूलों के लिए विख्यात है। पश्चिम हिमालय पर कुल चार जातियाँ इधर उधर बिखरी हुई, काफी ऊँचाई पर पाई जाती हैं। दक्षिण भारत में केवल एक जाति रोडोडेंड्रॉन निलगिरिकम (R. nilagiricum) नीलगिरि पर्वतपर पाई जाती है। इस वृक्ष की सुंदरता के कारण इसकी करीब 1,000 उद्यान नस्लें (horticultural forms) निकाली गई हैं।

सामान्यत: प्रयोग होने वाली रोडोन्ड्रोन की प्रजातियाँ हैं :

1. Rhododendron anthopogon Family: Ericaceae (Heath Family)
2. Rhododendron arboreum Family: Ericaceae (Heath Family)
3. Rhododendron aureumRosebay Synonym: Rhododendron chrysanthum, Family: Ericaceae (Heath Family)
4. Rhododendron campanulatum Family: Ericaceae (Heath Family)
5. Rhododendron ferrugineumAlpenrose Family: Ericaceae (Heath Family)
6. Rhododendron griersonianum Family: Ericaceae (Heath Family)
7. Rhododendron indicumRhododendron Synonym: Azalea indica, Family: Ericaceae (Heath Family)
8. Rhododendron japonicum Synonym: Rhododendron metternichii, Family: Ericaceae (Heath Family)
9. Rhododendron kaempferi Family: Ericaceae (Heath Family)
10. Rhododendron lapponicumLapland Rosebay Family: Ericaceae (Heath Family)
11. Rhododendron lutescens Family: Ericaceae (Heath Family)
12. Rhododendron luteumHoneysuckle Azalea Synonym: Azalea pontica, Rhododendron flavum, Family: Ericaceae (Heath Family)
13. Rhododendron maximumRosebay Rhododendron Synonym: Rhododendron procerum, Family: Ericaceae (Heath Family)
14. Rhododendron molleChinese Azalea Synonym: Azalea mollis, Azalea sinensis, Rhododendron sinense, Family: Ericaceae (Heath Family)
15. Rhododendron mucronulatum Family: Ericaceae (Heath Family)
16. Rhododendron ‘PJM’ Family: Ericaceae (Heath Family)
17. Rhododendron ponticumRhododendron Synonym: Rhododendron lancifolium, Rhododendron speciosum, Family: Ericaceae (Heath Family)
18. Rhododendron x praecox Family: Ericaceae (Heath Family)

रोडोडेंड्रॉन का आयुर्वेदिक पद्द्ति मे उपयोग :

प्राचीन काल से ही बुरांश को आयुर्वेद में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। रोडोडेन्ड्रोन प्रजाति के इस पेड़ में सीजनल बुरांश के लाल, सफेद, नीले फूल लगते हैं। लाल फूल औषधि गुणों से भरपूर हैं। खास कर हृदय रोग से पीड़ित लोग के लिये यह वरदान है । जबकि शारीरिक विकास व खूनी की कमी में बुरांश का जूस व इससे तैयार उत्पाद अचूक औषधि का काम करती है। खांसी, बुखार जैसी बीमारियों में भी बुरांश का जूस दवा का काम करता है

रोडोडेंड्रॉन का  होम्योपैथिक मैटेरिया मेडिका मे प्रयोग :

होम्योपैथिक उपयोग के लिये रोडोन्ड्रोन फ़ेरूजीनीम (Rhododendron ferrugineum )  से बनाई जाती है । यह अधिकाशंतया साइबेरिया के पर्वत शिखरों पर उगती है ।  इस वनस्पति की शुष्क पत्तियों से इसका मूल अर्क तैयार किया जाता है ।

यह औषधि आमवाती ( rheumatic ) तथा गठियाबाती रोगों ( osteoarthritis )  रोगों मे व्यापक प्रयोग की जाती है ।रोडोडेंड्रॉनके लिये सार्वाधिक चारित्रिक संकेत गरज वाले तूफ़ान से पूर्व इसकी वृद्धि से है । यह वृद्धि नम मौसम से उतनी अधिक नही होती जितनी वातावरण मे विद्धुतीय परिवर्तनों के कारण । migratory rhematic सूजन में और अधिकतर लघु ( small joints ) को अधिक प्रभावित करती है । arthritic nodes पर इसका व्यापक असर है । विश्राम के दौरान वृद्धि और गति मे सुधार इसकी मुख्य modalities है ।

रोडोडेंड्रॉन बहुत अधिक स्मृति ह्वास से चारित्रिक है । वह लिखते हुये शब्दों को छोड देता है । हम इसको विचारों का लुप्त होना भी पाते  हैं । यह बोलने की क्रिया मे अचानक रुकावट से स्पष्ट होता है , रोगी प्राय: अचानक वार्तालाप बन्द कर देता है ताकि वह अपनई विचारधारा को स्मरण करने मे समर्थ हो सके ।

रोडोडेंड्रॉन  Tinnitus Aurum ( कानोंमे आवाज के साथ चक्कर ) मे भी यह प्रयोग की जाती है । बिस्तर पर लेटनेसे अचानक सिर मे चक्कर शुरु हो जाता है

रोडोन्ड्रोन का अन्य  मुख्य उपयोग अंडकोष ( Orchitis )  की नई और पुरानी सूजन के लिये भी है । मुख्यत यह बाये अडंकोष को प्रभावित करती है । अडंकोष लगता है कि जैसे खिचे हुये हों , ग्रंथि मे ऐसी अनूभूति होती है जैसे कुचल दी गई हो । Hydrocoele की आरंभिक स्थति में इसका प्रयोग सार्थक है ।

रोडोडेंड्रॉन आरबोरियम (Rhododendron arboreum )  का होम्योपैथिक परीक्षण नही किया गया है । लेकिन इसके तमाम गुणॊं को देखते हुये इसकी भी प्रूविगं CCRH को करवानी चाहिये ।

लेकिन अगली बार अगर आपका प्रोग्राम रानीखेत का बने तो रोडोडेंड्रॉन आरबोरियम (Rhododendron arboreum )  या बुरांश के शरबत का स्वाद लेना न भूलें Smile

2 responses to “मेरी डायरी से – रोडोडेंड्रॉन ( Rhododendron)

  1. बहुत ही जानकारी भरा पोस्ट …. होमिओपैथी में भारतीय औषधियां भारतीय लोगों के लिए जयादा कारगर होती हैं……..

  2. टण्डन जी बहुत – बहुत आभार ……इस बार Rhodo.पर लिखने के लिये…… जानकारी बड़ी रोचक और ज्ञानवर्धक है, मैंने भी इस बार बुंरास के कुछ फूल सुखाकर रखे है, सोचा था कुछ बना लेंगे…..कोई पहाड़ी भाई आया था..मस्त लाल फूलो का हार बना कर लाया था……मै हिमाचल के पोंटा साहिब शहर से हूँ जी….!!!!
    हरी ओम जी……!!!

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