होम्योपैथी-नई सोच/नई दिशायें

Hay fever रोग की वह अवस्था है जब मार्च से अगस्त तक पराग कण के वातावरण मे अत्याधिक संख्या मे होने की  वजह से रोगी लगातार जुकाम , छीकॊं , आँख और नाक मे खुजली से परेशान रहता है । कभी कुछ रोगियों मे लगातार जुकाम की वजह से अस्थमा या साँस फ़ूलने की परिस्थति भी  आ सकती है । शहरी क्षत्रों मे बढते प्रदूषण की वजह से एलेर्जिक राइनिट्सस  (allergic rhinitis ) के रुप मे इनके लक्षण  हर  सीजन मे मिल जाते हैं । एक पुराने और जटिल hay fever  और एलेर्जिक राइनिट्सस  (allergic rhinitis )  के रोगी मे प्रेसक्राबिंग का सही तरीका क्या हो ? सिर्फ़ ऊपर से दिखने वाले लक्षण , या मियाज्म दोष या  सभी लक्षणॊं को एक साथ लेकर चलना या सिर्फ़ रोगी मे व्यक्त्तिपूरक लक्षणॊं को खोजना जो खास दिखे या सिर्फ़ रोगी के मानसिक लक्षणॊं के आधार पर दवा का चयन करना जो…

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