अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथी का पहला प्रकाशन – एक होम्योपैथिक गाइड स्वस्थ उपचार के लिये

 

अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथी (AIH) संयुक्त राज्य अमेरिका का सबसे पुराना चिकित्सा संगठन है , इसकी स्थापना अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन से लगभग तीन साल पहले हुयी थी .  यह पुस्तक AIH का पहला प्रकाशन है और उन माता पिता के लिये यह विशेष है जो   परंपरागत औषधियों जैसे stimulants, antidepressants और एंटीबायोटिक दवाओं के अलावा दूसरे विकल्पों की तलाश मे हैं  । इसके लेखक एडवर्ड शैल्टज (Dr  Edward Shalts ) जो स्वयं एक एलोपैथिक चिकित्सक हैं और कई रोगों में होम्योपैथी दवाओं का उपयोग कामयाबी के साथ करते रहे हैं ।  होम्योपैथिक  क्या है और यह कैसे काम करता बताते हैं , एडवर्ड शैल्टज के शब्दों मे जानने के लिये यहाँ किल्क कर डाउनलोड करें ।

The American Institute of Homeopathy (AIH) is the oldest medical organization in the United States founded three years before the American Medical Association. The American Institute of Homeopathy Handbook for Parents is the first AIH publication that offers another option for parents who are reluctant to participate in the widespread extreme measures of conventional medicine such as stimulants, antidepressants, and overuse of antibiotics. Step-by-step Edward Shalts, a medical doctor who practices homeopathic medicine, explains what homeopathy is and how it works. He presents a user-friendly overview of acute and chronic issues and shows how parents can deal with them, either on their own for some problems, or in many cases, with a qualified practitioner. This important resource explains the principles of homeopathy, the nature of remedies, and the appropriate time to use homeopathy.

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4 responses to “अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथी का पहला प्रकाशन – एक होम्योपैथिक गाइड स्वस्थ उपचार के लिये

  1. aapne is upyogi pustak ka link dekar ek achhi pustak hame di hai.. ye pustak prateyek ghar me rakhne layak hai…

    iske liye dhanyabad..

  2. डाक्तर साहब,
    ये तो बहुत अच्छी और उपयोगी बात हुई । धीरे-धीरे इसके महत्वपूर्ण अंशों का हिन्दी में अनुवाद आये तो होमियोपैथी के साथ हिन्दी और हिन्दुस्तान का भी कल्याण हो।

  3. धन्यवाद इस सुंदर लेख के लिये, अछी जान कारी दी आप ने

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