बत्तीसी मे भी रोमांच

बत्तीसी संभाल गोरी , उडी चली जाये रे । ” यह बत्तीसी भी कमाल की हैं , कभी यह खो जाती हैं और कभी-२ इनको लगाने वाले इसको निगल तक जाते हैं । अब इन दादी अम्मा को देखिये , उत्साह मे कोई कमी नहीं , चली आसामान की सैर करने लेकिन कमबख्त यह बत्तीसी रास्ते मे टपक गयी । बत्तीसी निगलने और पाकाशय (oesophagus) की नली मे फ़ँसने के पहले भी कई केस सामने आ चुके हैं , देखें यहाँ ,  और  यहाँ

2 responses to “बत्तीसी मे भी रोमांच

  1. हा हा!! लिजिये बत्तीसी ही उड़ गई. मजा आ गया.🙂

  2. Hi
    Carefull your teeth, Its reflet our health.

    Thanks.

    Dr Harshad Raval MD[hom]
    Honorary consultant homeopathy physician to his Excellency governors of Gujarat India. Qualified MD consultant homeopath ,International Homeopathy adviser, books writer and columnist. Specialist in kidney, cancer, psoriasis, leucoderma and other chronic disease

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