सफ़ेद दाग और होम्योपैथी- आशा की एक किरण भाग- २ (Leucoderma & homeopathy- an ultimate hope-part-2 )

पिछ्ली पोस्ट से आगे……..

leucoderma

लियकोडर्मा या सफ़ेद दाग के प्रधान लक्षण – शरीर के चमडे के स्थान -२ पर सादा व उस स्थान पर लोम तक सफ़ेद हो जाते हैं , कभी-२ एक अंग का पूरा अंश सफ़ेद हो जाता है । इस रोग में चमडे के ऊपरी भाग का सूक्ष्म पर्दा ( dermis) केवल आक्रान्त होता है , इसलिये रोगी को शारिरक कष्ट तो अनुभव नही होता लेकिन मानसिक रुप से वह बुरी तरह से टूट जाता है । लियकोडर्मा स्पर्शाक्रमक यानि छूत का रोग नहीं है लेकिन इसके बावजूद भी विशेष कर ग्रामीण इलाकों में लियकोडर्मा के रोगियों को समाजिक बहिषकार तक झेलना पडता है ।

सफ़ेद दाग के कारण और विभिन्न चिकित्सकों के मत

causes of leucoderma

इस रोग की वास्तविक उत्पति का कारण आज तक निर्णीत नहीं हुआ है , बहुत से कारण हैं जिन्हें समय-२ पर विभिन्न चिकित्सकों ने देखा और परखा है , ऐसे ही कारणों पर नजर डालते हैं –

1- होम्योपैथी मे सफ़ेद दाग पर वयापक शोध मुम्बई के डा वडिया के हिस्से रहा । आपके अनुसार इस रोग का प्रधान कारण पेट के रोगों से संबधित है और इन रोगों मे पुराना अतिसार (chronic Amoebic dysentery )और आँतों मे कृमि (intestinal parasites) का होना प्रमुख है। आपके क्लीनिकल रेकार्ड को देखने पर 50% रोगी के मल की जाँचों मे Ent amoeba histolytica, giardia के अंडे या कृमि पाये गये। देखें यहाँ

२-परिवारिक अनुवांशिकता के सफ़ेद दाग के स्पष्ट प्रमाण मिलते हैं । हमारे देश मे सफ़ेद दाग की बहुतायत सोमवंश सहसर्जुन क्षत्रिय समुदाय मे अधिक पायी जाती है। देखें यहाँ (Vitiligo : a study of 998 cases attending KEM Hospital in Pune ;Tawade YV, Parakh AP, Bharatia PR, Gokhale BB, Ran )

३-मानसिक चिन्तायें, विषाद (depression), किसी तरह का सदमा(shock) ,गृह क्लेश , बेरोजगरी की समस्या के चलते मनसिक अवसद आदि भी भी इस रोग को पैदा करने मे सहायक रहे।

४- ऐसी antibiotcs जिनसे intestinal flora नष्ट हो गया , वह भी इस रोग को पैदा करने मे सहायक रही।

५- त्वचा के कई रोग जिनको एंटीबायटाकिस (antibiotcs) , स्टीरौडिस (steroids) और मलहम से दबाया गया ।

६- कुछ रोगियों मे जिनका परिवारिक यक्षमा (T.B.) का इतिहास रहा हो।

७ त्वचा का जलना, मस्से या तिल को सर्जरी से हटाना भी कभी-2 एक कारण मे देखा गया।

८- माथे पर बिन्दी का लगाना , कसे हुये कपडों का पहनना विशेष कर औरतो और युवतियो मे जहाँ कसे हुये ब्लाऊज, ब्रा, या पेटिकोट के नाडे के दबाब के चलते सफ़ेद दाग दिखे।

९- मियाज्म (Miasm) दोष- सोरा, सिफ़िलिस और साइकोसिस- ( मियाज्म (Miasm)कया है , इसके लिये यहाँ देखें

१०- जे जे हास्पिटल ,मुम्बई के डा जे श्रौफ़ ने Indian journal of medical science 1973 मे एक लेख के जरिये कुछ नये तर्क रखे। आपने पाया कि सफ़ेद दाग और कई औटो इमयून समस्यायें (auto immune disorders ) जैसे मधुमेह (diabetes), थाइरोड के कई रोग, और रक्ताभाव (pernicious anaemia) का आपस मे गहरा संबध है।

११- विटामिन बी काम्पलेक्स- कई विटामिन और खनिज तत्वों का भी मिलैनिन के उत्पादन पर असर देखा गया।

१२- ब्रेटनैक (Breathnach 1971 )ने पाया कि मिलैनिन के बनने की प्रक्रिया शरीर मे मौजूद इन्जाइम टायरोनेज (enzyme- tyrosinase ) पर निर्भर करती है और इन्जाइम टायरोनेज के बनने के लिये विटामिन की आवशयकता पडती है। इसके पहले सीव (Sieve 1965) ने विटामिन की कमी और सफ़ेद दाग के व्यापक प्रमाण दिये।

१३- खनिज तत्वों मे कापर ( copper) की catalytic activity सबसे अधिक इन्जाइम टायरोनेज (enzyme- tyrosinase ) पर देखी गयी । बाद के विशलेषणों मे पाया गया कि इन्जाइम टायरोनेज के अणु मे कापर की मात्रा 0.2% होती है और सफ़ेद दाग के रोगियों मे कापर का प्रतिशत आम लोगों की अपेक्षा कम देखा गया। ( V.C.Shah,N.J.Chinoy etc, deptt of zoology, gujrat university, Ahmedabad)
शायद यही कारण रहा कि आगरा के डा आर एस पारिख ने cuprum Acetium 6 के प्रयोग पर जोर दि्या।

१४- कुपोषण और बढती हुयी अंट-बंट (junk food) खाने की प्रवृति ने भी बच्चों मे सफ़ेद दाग की संख्या मे वृद्दि दिखाई दी , देखें यहाँ । (Behl PN, Agarwal A, Srivastava G- Etiopathogenesis of vitiligo : Are we dealing with an environmental disorder ?)

आहार और पथ्य (Diet & Regimen)

  • det.gif
  • जहाँ तक संभव हो माँसाहारी खाने का त्याग कर देना चाहिये । आधुनिकता के दौर मे खान -पान मे सब कुछ चलता है का शोर बहुत है लेकिन हम अपने तरफ़ यह नही देखते कि हम क्या खा रहे हैं। कई बीमार जानवरों के माँस के सेवन करने से नाना प्रकार के कृमि और अंडें खाने के साथ कृमिकोष (cyst) के रूप में आँतो के अन्दर चले जाते हैं।
    इसी तरह बच्चों मे अंट -संट (junk food) खाने की प्रवृति ने भी लियोकोडर्मा की बढती हुई समस्या मे इजाफ़ा किया है. 
  • l08.jpg  डा मौफ़टी के अनुसार ऐसे भोज्य तत्वों का समावेश खाने मे करना चाहिये जिनमे सोरेलिन (psoralen )की मात्रा अधिक हो जैसे चुकन्दर, गाजर, छुआरे, पालक आदि ।
  • dsc00639.jpg आटे मे से चोकर को हटाने की कवायद इधर अधिक देखी जाने लगी है , लेकिब जहाँ चोकर के तन्तु (fibre) पाचन क्रिया को आसान बनाते हैं , वही दूसरी तरफ़ शरीर मे आवशयक सोरेलिन भी सप्लाई करते हैं।
  • अमिबिक संक्रमण (Amoebiasis) और जियारडिया के संक्रमण (giardiasis) के सफ़ेद दाग के रोगियों मे प्रमाण मिलने से हमारी नजर दूषित पानी की तरफ़ भी जाती है, जहाँ तक सभव हो पानी को उबाल कर पीना चाहिये , विशेष कर लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों के लिये तो यह बहुत ही आवशयक है।
  •  दूध या दूध से बनी वस्तुयें, खट्टे और रस भरे फ़ल भी आयुर्वेद चिकित्सा पद्दति के अनुसार हानिकारक है।

 

अगले भाग मे हम देखेगें लियकोडर्मा  पर हुये  होम्योपैथिक शोध-कार्य और साथ ही में प्रमुख होम्योपैथिक चिकित्सकों के मत ।

क्रमश: आगे जारी ……

 

संबधित पोस्ट :

1. VITILIGO & HOMEOPATHY
2. Leucoderma and Homeopathy ( सफ़ेद दाग और होम्योपैथी)
3. सफ़ेद दाग और होम्योपैथी- आशा की एक किरण -भाग-१ (Leucoderma & homeopathy- an ultimate hope -Part-1)
4.coming soon ….सफ़ेद दाग और होम्योपैथी- आशा की एक किरण -भाग-3 (Leucoderma & homeopathy- an ultimate hope -Part-3)


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20 responses to “सफ़ेद दाग और होम्योपैथी- आशा की एक किरण भाग- २ (Leucoderma & homeopathy- an ultimate hope-part-2 )

  1. This is a appreciatable knowledge.thankyou for this . Plz write some thing about ONE DOSE THERAPY , like THOOJA CM one dose cures DANDRUF approximatly in 99%cases.

  2. जानकारी ध्यान रखने योग्य है, आभार.

  3. डा साहब, आप इसे यूं ही जारी रखे कम से कम आपके लेखो के जरीये झोला छाप डाक्टरों से बचा जा सकता हैं.

  4. Beautiful presentation boss.

  5. hello, sir, i have just read it your blog it’s awasome information,really for newcomer this would be most use full information, thank you sir.

  6. very good collection, it is very useful for doctors too

  7. sir , good work
    waiting for 3rd part.

  8. Hi…Sir, A very nice presentation in so simple way…some myths in the community are really in a need to be broken and its really a ray of light in that way…i just want to say your blog is going to connect HOPE & HAPPINESS together forever….keep posting…waiting for next part.

  9. Thanks Doctor , This very interesting subject.
    I have controlled such conditions
    ( I do not say cured )
    in 30and more cases
    In my view Burn injury, worms and ulcers or any operative injury is exiting cause to predispositions by hereditary. Body tries to heal this sub dermal injury by modifying proteins. Let you remark This may imagination.

  10. Doc….as i have gone through these type of cases,i have found that in most of the cases there has been family history of tuberculosis and leukoderma and in cases of children mostly worms are there ….

  11. Thanks Dr. Tondon, I have gone with the second part of the Vitilago writeups. You have correctly elaborated the facts about this disease condition. I will share a littlebit in this regards.

    Harrison’s Principles of Internal Medicine writes the description of the disease under title “ Pigmentation of the skin and disorders of Melanin metabolism”. According to the writers, disturbances of human melanin pigmentation are due to some factors, which are given in nutshell.

    1- Genetic factors
    2- Metabolic factors
    3- Endocrine factors
    4- Nutritional factors
    5- Chemical and Pharmacologic agents
    6- Physical agents
    7- Inflammation and infections
    8- Neoplasm
    9- Miscellaneous factors: Alopecia errata, scleroderma etc etc.

    These writers again categories this disorders under the “Disorders associated with circumscribed vitiligo type hypomelanosis.” These associated disorders are:

    1- Genetic associated disorders for example: Thyroiditis, Diabetes
    2- Chemical exposure associated disorders, for example:Phenolic germicides
    3- Neoplastic associated disorders for example: Malignant melanoma
    4- Infectious associated disorders for example : Leprosy, teania versicolor
    5- Idiopathic associated disorders , for example: sclerodrma, sarcoidosis

    The above facts are narrated by the Modern western medicine [Allopathy] in the sense of Pathology, which somehow shows the Etiology also.. Ayurveda narrates that Doshas , here means tridosha i.e. Vata, Pitta, Kaphha and its combinations along with Mithya ahar vihar [wrong style of living and food habits], agantuj hetu [external causes] etc responsible for the disease condition.

    Ayurveda advises about all diseases, a saying: (Sanksheptah kriya yogo parivarjanam) संक्षेपत: क्रियायोगो परिवर्जनम् that means “Remove the cause of disease, this is the treatment”. Hahnemann also says similar in his Organon, “Remove the cause of disease”. However Allopathy differs with these sayings and the fact is accepted that there is no foolproof treatment of vitiligo in their system, as we read in the text book of the Modern Western Medicine.

  12. sir,

    i must say its a tiresome job to provide al such data to the viwer but u always did this very well…my best wishes to you

    u kno lucoderma and white spots shud not be taken as one and the same thing
    there are differential diagnosis of thes white spots
    lucoderma if can be differentially diagnosed with other problems them miasmatically we can find and detect our remedy
    so if u can provide differential diagnosis of this ailment it will be more useful
    thanks

    dr meakin mittu

  13. Sir
    My age is 27 yeas old. one small white spot (lucoderma) in my penis. Please tell me what type of medicine i can use. very fast spreading also.

  14. please put some more fotos and results from homeo medicine

  15. this is the 1st time gone through your site. a committed good informative site in homeopathicsites. thankyou sir jayaprakash

  16. sir.
    i am 26 years old one white pacthes found above the eye lid i am realy scared pls let me know there is suitable medicine to solve out this desease ? as well as how to stop to spread this spot ? i am waiting for the reply…

    thank u so much

  17. बहुत महत्वपूरण जानकारी आपके ब्लोग पर उपलब्ध है इसके लिये आपका आभार

  18. sir well done keep on n me is waitin 4 next part

  19. Dear Dr
    Please try to mention certain sureshot remedies/medicines also in the blob, anyway you have done the nice job. My best wishes are with you.

  20. thanks for ur effort.keep it up

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