कम्पलीट रिपर्ट्री (Complete Repertory)

वैसे तो कम्पलीट रिपरटरी (complete repertory) होम्योपैथिक साफ़्ट्वेएर क्लासिक 8 के लेने के साथ स्वत: मिल जाती है लेकिन यह एक महँगा निवेश है विशेष कर नये चिकित्सकों के लिये । डा रौजर वान जैन्डवूर्ड ( Dr Roger van Zandvoort) कृत कम्पलीट रिपर्ट्री (complete repertory) को सीधे यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं। रूबी साफ़्ट्वेएर नाम से यह साफ़्टवेएर हाँलाकि होमपैथ क्लासिक से भिन्न है, जहाँ होमपैथ क्लासिक रिपरटाराजेशन(repertorisation) करने की सहूलियत देता है वहीं रुबी मूलत: एक reference tool है जिसका मुख्य उद्देश्य कम्पलीट रिपर्ट्री मे से लक्षणों को ढूँढना और देखने तक ही सीमित है। लगभग 158,000+ रुब्रिकस से भरपूर और कई नई होम्योपैथिक औषधियाँ का इसमें समावेश है।
डाउनलोड करने के लिये यहाँ जायें और नीचे दिख रहे करसर पर किल्क करें।
ruby

15 responses to “कम्पलीट रिपर्ट्री (Complete Repertory)

  1. kya complete reportary hindi may bhi available hai

  2. वह तो ठीक है, डाक्टर साहब परंतु होम्योपैथी के इसी आसान पहुँच ने बहुत से नए खिलाड़ियों को पैदा कर दिया है जिससे होम्योपैथी का नुकसान ही हुआ है.

    मुझे लगता है कि जब तक सही प्रकार से होमियोपैथी की शिक्षा न ले ली जाए, किताबों व रिपर्टरी के जरिए (मैंने होमियोपैथी चिकित्सा के पांच पांच रुपए वाले किताब भी धड़ल्ले से बिकते देखे हैं) लाक्षणिक चिकित्सा करना फलदायी नहीं होता है. क्या विचार है आपका?

  3. मै आप की बात से सहमत भी हूँ और कुछ असहमत भी , क्योंकि यह सब कुछ इतना आसान नहीं है जैसा दिख रहा है , एक होम्योपैथिक चिकित्सक बगैर मेटेरिया मेडिका , फ़िलोसफ़ी होम्योपैथी, आर्गेनान होम्योपैथी को जाने बगैर इन साफ़्ट्वेएरों का प्रयोग ढेला भर भी नहीं कर सकता। वह क्या समझेगा इनको खोलकर्। आज भी यह हालत है कि सारी नयी जानकारी होते हुये भी होम्योपैथिक चिकित्सक पुराने ढरे पर चलना चाहता है। मेरी जानकारी होम्योपैथिक चिकित्सकों को वक्त के साथ चलने की देनी रही और आम लोगों को भी होम्योपैथी के बारे मे गलत भ्रान्तियाँ न पालने की रही और रही बात ‘मैंने होमियोपैथी चिकित्सा के पांच पांच रुपए वाले किताब भी धड़ल्ले से बिकते देखे हैं’ की तो यह समस्या अकेले होम्योपैथी के साथ ही नही है और भी पैथी खासकर एलोपैथी चिकित्सा प्रणाली भी है , तभी तो शहर-2, गाँव-2 तमाम R.M.P प्रकिटिस करते दिख जायेगें।
    आपने अपना बहूमूल्य समय दे कर अपने विचार रखे , इसका बहुत-2 धन्यवाद्।

  4. प्रभात जी, आपने टैग दिया है ‘होम्यो साफ़्टवेएर’ साफ्टवेएर नहीं सॉफ्टवेयर ठीक शब्द है।

    इसी प्रकार नाम लिखते हुए ‘डा प्रभात टन्डन’ में डा की बजाय डॉ. ज्यादा अच्छा है।

  5. आपकी आज्ञा सर आँखो पर । अभी ठीक करता हूँ।

  6. u r great sir & ur work on homeo is very helpful. thanks again

  7. वाह ! नयी थीम अच्छी लग रही है डॉक्टर बाबू। इसमें टेक्स्ट एकदम सुंदर दिख रहा है। पहले वाली में बड़ा सा दिखता था।

  8. sir,
    i am ashish aggarwal from ambala city(haryana).
    i want to know that is there any book in homeopathy for plants.if there is such a book then please let me know about it .

    thanks

    Ashish Aggarwal

  9. Dr. Sahab, Namaskar
    Ek bar main complete reportory download kar chuka hoon, lekin chal nahi paya, ab dubara flash get se download kar raha hoon.
    Koi sawdhani ho to Batain.

  10. @Bhanu Pratap Singh
    नहीं , भानु भाई, ऐसा नहीं है , इसके पहले मै भी डाऊनलोड कर चुका हूं और यह सही काम कर रही है. अगर साफ़्टवीर इन्सटाल सही ढंग से हुआ है तो चलेगा जरूर. लेकिन एक बात जो मैने गौर की थी कि इस प्रोग्राम मे कुछ बग जरूर है लेकिन फ़िर भी चल रहा है.

  11. I am interested to purchase software for complete repertory. Please advise me your price and terms. If affordable, i will advise you.

  12. @Dr. Sayeed ahmad
    डा सईद जी, मैने कम्पलीट रिपर्ट्री का डाऊनलोड लिंक इसी पोस्ट मे दिया है , आप डाऊनलोड कर सकते हैं. वैसे यह होम्पैथ क्लासिक ८ के साथ उपलब्ध है.

  13. Dr. Tondon, thanks for the article. I will share my experiences here.

    My experience is very bad with the computer softwares. I have Hompath software. I use the software frequently, but I always fail to come at the conclusion. I think that you have to have a good working knowledge of the operating computer software, which is also a very technical , typical and difficult task. Unless you did not have experience of good opearation of software, you can not obtain good results.

    Dr. Jawahar Shah was my classfellow, when I was doing my MICR at Bombay. He was also doing his MICR at Institute of Clinical Research , Girgaon, Bomaby , now Mumbai. He was quite intelligent and very serious student of Homoeopathy. Our Principal Dr. ML Dhawale likes him due to his qualities. We were few students at Mumbai. He was a good repertorian at that time.

    Now he have produced the computer software Hompath. No doubt there is problem with the software, which can easily be removed. The first problem of its operation. This problem can be solved , if Dr. Jawahar Shah take two weeks training classes himself /team to the purchasers as we have taken our training in ICR, Bombay.

    Computer softwares can help the Homoeopathic Physicians, if the Homoeo physician knows well, how to operate software and how he can obtain maximum output from the contents fo softwares.

  14. @Dr Desh Bandhu Bajpai

    My experience is very bad with the computer softwares. I have Hompath software. I use the software frequently, but I always fail to come at the conclusion. I think that you have to have a good working knowledge of the operating computer software, which is also a very technical , typical and difficult task. Unless you did not have experience of good opearation of software, you can not obtain good results.

    मेरा अनुभव कहता है कि साफ़्टवेएर के प्रयोग के लिये सबसे आवशयक शर्त उसके साथ मित्रता बढानी है🙂, जितना उसका प्रयोग करेगे उतना ही उसको जानेगें । और दूसरी और सबसे महत्वपूर्ण शर्त जिस रिपर्टरी पर आप काम कर रहे हैं ,उसको मैनुएली आप
    अच्छी तरह जानते हों. शुरु-२ मे मुझे भी बहुत दिक्कत आयी थी , फ़िर बद मे केन्ट रिपर्ट्री को अकसर साथ मे लेकर बैठना पडता था . अब मै दावे के साथ कह सकता हूँ कि साफ़्टवीर से सिमिलीमम का चुनाव अधिक सही रहता है । अगर होम्पैथ मे ही देखें , करीब २९ रिपर्टरी पडी हैं , कोई भी इन सारी की सारी रिपर्टरी के साथ प्रयोग नही कर सकता । साफ़्टवीर क्यूँ रिपर्टार्जेशन को आसान बनाते हैं ,इसके लिये यह देखें-
    https://drprabhattandon.wordpress.com/2006/10/31/classic-8/
    जवाहर शाह के साथ आपके च्यकितगत अनुभव अच्छे लगे .

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