Comparison of radish plants. On the left side, plants which were treated with Calcarea carbonica 30 CH, Calcarea phosphorica 30 CH, Calcarea fluorica 30 CH. On the right side untreated plants.
एग्रो-होम्योपैथी यानि होम्योपैथिक औषधियों का रोगग्रस्त पौधों पर कार्य ; इस विषय पर पहले भी लिखा जा चुका है देखें यहाँ , यहाँ और यहाँ । H- pathy के दिसम्बर २००८ के संस्करण मे एग्रो होम्योपैथी पर कुछ नये लेख हैं :
- डच होम्योपैथ वी.डी. कविराज का साक्षत्कार ऐलेन श्लमुकर द्वारा : V. D. Kaviraj-Interviewed by Alan Scmukler
- पोटेन्टाइजड साइट्रिक ऐसिड का एग्रो होम्योपैथी मे प्रयोग : On the Use of Potentized Citric acid, Light and Sound in Agrohomeopathy -V.D. Kaviraj
- निरुका मोरोनो का लेख : Agro-Homeopathy – An Alternative for Agriculture- Dr. Niurka Meneses Moreno
- जुगलन्स नाइग्रा का एग्रो-होम्योपैथी मे प्रयोग : Juglans nigra- V.D. Kaviraj
- डारविन और होम्योपैथी : Darwin and Homeopathy- V.D. Kaviraj
- फ़ैब्रिको रोसी का लेख : Vitalistic Agriculture – The Art of Homeopathy in Agriculture- Fabrício Rossi; Edmilson José Ambrosano; Nivaldo Guirado; Paulo César Tavares de Melo
- Agrohomeopathy, Symbiotic Relationships– V.D. Kaviraj
- Garuda Biodynamic Research Institute (NZ)- Glen Atkinson,Research Director
- Perspectives of Agro-Homeopathy- Radko Tichavsky
यह भी देखें : संबधित पोस्ट (Related Posts)-
- होम्योपैथी -तथ्य एवं भ्रान्तियाँ ” प्रमाणित विज्ञान या केवल मीठी गोलियाँ “( Is Homeopathy a trusted science or a placebo )
- कृषि होम्योपैथी (Agriculture Homeopathy )
- छ्त्तीसगढ मे कृषि क्षेत्र मे होम्योपैथिक दवाओं के नये प्रयोग (Recent Agrohomoeopathic experiments in Indian state Chhattisgarh)
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Management and Control of Genetic Processes in Cotton Plants through Homoeopathy


4 responses so far ↓
राज भाटिया // December 22, 2008 at 2:27 am
नमस्कार डा प्रभात जी, लिंक ओर अच्छी जानकारी के लिये आप का धन्यवाद, एक छोटी सी मुस्किल है, मेरे बडे बेटे के सर मै तीसरी बार सर मै थोडे से बाल झड गये , ओर बाल जेसे गोल सिक्का होता है ऎसे रुप मे झडे है,ऎलोपेथिक डा से चएक करवाया उन्होने कहा कोई बात नही, लेकिन एक बार किसी होम्योपैथी की दवा से बाल आगये थे, फ़िर दो तीन साल बाद झड गये , क्या आप कुछ बता सकते है इस बारे मै कि यह बाल क्यो झडते है? ओर इस की कोन सी दवा है, कितनी मात्रा मै लेनी है, आप का धन्यवाद
अशोक पाण्डेय // December 22, 2008 at 6:11 am
यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि होम्योपैथिक दवाओं से रोगग्रस्त पौधों का उपचार भी हो सकता है। गेहूं के खेतों में अवांक्षित घास से छुटकारा पाने के लिए कोई होम्योपैथिक औषधि हो तो कृपया बताने का कष्ट करेंगे। आभार।
Dr Prabhat Tandon // December 22, 2008 at 6:43 am
@ अशोक पाण्डेय जी ,
मेरी सलाह है कि आप इसके लिये श्री पंकज अवधिया जी ( http://www.pankajoudhia.com/) से संपर्क करें , पिछले काफ़ी समय से वह होम्योपैथिक दवाओं को पेड-पौधों पर प्रयोग कर के सफ़ल परिणाम ले रहे हैं ।
संबधित पोस्टो पर किल्क करे उनके द्वारा किये कई प्रयोगों की जानकारी आपको मिल जायेगी । यह भी देखें :
http://ecoport.org/storedReference/557122.pdf
Dr Prabhat Tandon // December 22, 2008 at 6:47 am
@राज भाटिया जी,
सर पर फ़ंगस इन्फ़ेक्शन के लिये skin scraping test करायें , अक्सर Tinea infection की वजह से भी बालों का गिरना patches मे प्रारम्भ हो जाता है । कारण अलग-२ और दवायें भी अलग-२ है ।