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बत्तीसी मे भी रोमांच

September 22, 2007 · 1 Comment

बत्तीसी संभाल गोरी , उडी चली जाये रे । ” यह बत्तीसी भी कमाल की हैं , कभी यह खो जाती हैं और कभी-२ इनको लगाने वाले इसको निगल तक जाते हैं । अब इन दादी अम्मा को देखिये , उत्साह मे कोई कमी नहीं , चली आसामान की सैर करने लेकिन कमबख्त यह बत्तीसी रास्ते मे टपक गयी । बत्तीसी निगलने और पाकाशय (oesophagus) की नली मे फ़ँसने के पहले भी कई केस सामने आ चुके हैं , देखें यहाँ ,  और  यहाँ

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