एक खबर ऐसी जो है तो करीब दो महीने पुरानी लेकिन कान्टेक्ट लेन्स प्रयोग करने वालों के लिये अब अपने देश में भी चिन्ता का विषय बन सकती है । वाशिटंन में नेत्र चिकित्सकॊं ने पाया कि बौश और लौम्ब ( Bausch & Lomb ) का रेनू नाम से कान्टेक्ट लेन्स का तरल घोल ( contact lens solution ) कुछ कान्टेक्ट लेन्स धारकों मे पैरासिटिक संक्रमण पैदा कर रहा है ; ऐसा ही संक्रमण पिछले साल भी इसी घोल के द्वारा देखा गया था लेकिन तब यह फ़ंगस की शक्ल मे था । यह अमीबिक संक्रमण अधिकतर पानी मे पाये जाते हैं और आँखों को धोने के बावजूद नुकसान नही पहुँचाते लेकिन अगर ऐसा ही संक्रमण कान्टेक्ट लेन्स के घोल के जरिये आँखों में प्रवेश कर जाता है तो नेत्र चिकित्सकों की राय मे यह कार्निया को नुकसान पहुँचा के अन्धापन भी पैदा कर सकता है । गौरतलब है कि अपने देश मे भी बौश और लौम्ब के ही तरल घोल का ही चलन है , यहाँ सब चलता है कर के इस पर झाडू न फ़िर जाये तो कोई आशचर्य नहीं होगा
कान्टेक्ट लेन्स प्रयोग करने वालों के लिये खतरे की घंटी
August 29, 2007 · 7 Comments
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7 responses so far ↓
अरूण // August 29, 2007 at 1:26 pm
वह जी डाक्टर साहब जो बिचारे रोज आख को नया रंग देते है..वो क्या करेगे अब..?
समीर लाल // August 29, 2007 at 2:58 pm
अच्छी जानकारी दी..पिछले साल भी लोगों को चेताया गया था मगर बिक्री धड़ाधड़ चालू है.
नासिरूद्दीन // August 29, 2007 at 3:21 pm
प्रभात जी,
काफी अहम जानकारी है। असल में हमारे देश में सेहत का सवाल कोई मुद्दा ही नहीं है। जन स्वास्थ्य के मुद्दे कभी प्राथमिकताओं में रहे ही नहीं। इसलिए पूरी दुनिया में जो दवाएं प्रतिबंधित होती हैं, वो हमारे यहां बिकती रहती हैं। नकली दवाओं का कारोबार चलता रहता है। यह खोज का विषय है, कि बॉश एंड लौम्ब का यह उत्पाद अब भी बिक रहा है या नहीं।
अभिनव // August 29, 2007 at 4:21 pm
प्रभात जी आपने अच्छी जानकारी दी है.
राजीव // August 29, 2007 at 9:59 pm
धन्यवाद डॉ. साहब,
मैंने इसके उपयोगकर्त्ता को भी अग्रेषित कर दिया है।
Dr.Mukhtar Ahmad(ALIGARH) // August 30, 2007 at 9:11 am
Yes sir,its absolutely true….basically in our country the status of health awareness is not upto d mark level….people who r at higher levels must go through it & even WE should make aware the population….
श्रीश शर्मा // September 1, 2007 at 12:51 am
अच्छी जानकारी दी आपने, कॉन्टैक्ट लैंस का प्रयोग खतरनाक है।
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