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एक अदद डिजिटल कैमेरे की तलाश—- जारी है…..

August 7, 2007 · 18 Comments

वैसे तो एक अदद  कैमेरे को खरीदने के लिये मै कई महीनों से मन बना रहा हूँ लेकिन मन बनाने से क्या होता है , महँगा , सस्ता , कितने जूम वाला , कितने पिक्सल , भई मेरे समझ मे यह सारे तकनीकी शब्द अधिक नहीं आते । रेट को अगर देखें तो लखनऊ की मार्केट और नेट पर जे. जे. मेहता की साईट में सर्च करने पर कोडक के कैमेरों में रेट का काफ़ी भारी अन्तर साफ़ दिख जाता है । तो क्या करें , लखनऊ  से खरीदें या बाहर से ?

लेकिन चन्द दिन पहले अमित ने कैमेरे लेने के पहले कुछ विचारणीय बातों को ध्यान मे लेने की सलाह दी ,

लेकिन, कैमरा लेने से पहले यह निश्चय करें कि क्या आपको वाकई कैमरा चाहिए? यदि हाँ तो क्या कारण हैं जिनकी वजह से आपको डिजिटल कैमरा चाहिए? इन कारणों की एक सूचि बना लें(आगे भी काम आएगी, कैमरा मॉडल निर्धारित करने में)।

यह मुझे जँची । अपनी लिस्ट बनायी तो समझ मे आया कि मुझे खासकर त्वचा संबधित रोंगों में जैसे लियोकोडर्मा , फ़ंगल संक्रमण आदि मे पेपर तैयार करने के लिये फ़ोटोग्राफ़ की आवशयकता अक्सर पडती है । जो कैमरा अभी मै प्रयोग कर रहा हूँ उसमे फ़ॊटो तो खिचं जाती है लेकिन इन की बारीकियाँ नजर नही आती । और इसके अलावा बाकी मौकों पर तो उसका काम है ही ।

आजकल मेरा भान्जा अनन्त जो इन्फ़ोसीस से अगले महीने जुडने वाला है , लखनऊ भ्रमण के लिये आया हुआ है और साथ मे है उसके कैनन का  S2IS कैमरा। अब इतने बढिया कैमेरे को देखकर तो मेरी उनीदीं आँखों मे ताजगी आ गयी । सोचा कि चलो इससे ही फ़िलहाल हाथ आजमायें । घर की फ़ुलावारी तो आजकल सूनी पडी है , गुलदाउदी के पौधों का रोपण इस सप्ताह बारिश के आरम्भ होते ही कर दिया । गुलमेहंदी के पौधे अभी तो बहुत ही छोटे हैं , हाँ , लेकिन नरगिस मे अबकी बार कुछ जल्द ही फ़ूल आ गये । तो फ़िर किसका फ़ोटो सेशन करें ; हाँ , पक्षियों का यहाँ कोई अकाल नहीं है । पैराकीट ( बजरी ) अपने पूरे शबाब में है यानि प्रजनन के लिये तैयार और इतने रोंमान्टिक मौसम मे कबूतरों मे भी जोडे बनाने की होड सी लगी है । इसी फ़ोटो सेशन की तो  मुझे तलाश थी , जो कल मिल गयी । आप भी देखो और लुत्फ़ उठाओ । हाँ, अधिकतर फ़ोटो अनन्त के ही खीचे हुये हैं ।

 एक वीडियो भी जो कैमरे को फ़िन्च के पिंजरे के अन्दर रखकर रिकार्ड किया

 

 

Categories: digital camera · अन्य · कुछ इधर उधर की · जुगाड · डिजीटल कैमरा · फ़ालतू की बड-बड

18 responses so far ↓

  • Pramendra Pratap SIngh // August 7, 2007 at 3:22 am

    बधाई,

    अच्‍छी विडियों है, तो कैमरा भी झक्‍कास होगा।

    हम आ रहे है फोटों खिचवाने :)

  • vipul // August 7, 2007 at 3:50 am

    सोनी एच७ पर नजर डालें canon s2IS से बहतर है, सारे features उमदा हैं। कीमत कम है।

    जैसे lithium rechargable बैटरी, iso ३२०० तक।

  • Manish // August 7, 2007 at 4:20 am

    आपकी जरूरत कोई ५ मेगा पिक्सल पूरी कर सकता है। हाँ, पर अपने बजट के अंदर जितनी ज्यादा optical zoom, ले सकते हैं जरूर लें। लिथियम बैटरी की जगह पेंसिल साइज बैटरी इस्तेमाल करने वाले कैमरे दूरदराज इलाकों में ज्यादा flexibility प्रदान करते हैं।

  • जीतू // August 7, 2007 at 4:53 am

    सबसे पहले तो कैमरा खरीदने की सोचने के लिए बधाई।
    डिजीटल कैमरा खरीदने से पहले अपनी आवश्यक्ताएं जरुर ध्यान मे रखना। मेगापिक्सेल के झमेले मे ज्यादा नही पड़ना, मेरे विचार से यदि आपको अपनी फोटो प्रिन्ट करवानी है तो ३ मेगापिक्सेल भी बहुत है। हाँ आप्टीकल जूम देख लेना, जितना ज्यादा से ज्यादा हो, अगर इमेज स्टेबलाइजर हो तो क्या कहने। बकिया तो भैया जितना गुड़ डालोगे उतना ही मीठा होगा, लेकिन ध्यान रखना, गुड़ उत्ता ही डालियो, जित्ता जरुरी हो।

    रही बात ब्रान्ड की, भाया हम तो निकॉन और कैनन के दीवाने है, अमितवा आजक्ल पैनासोनिक के ल्यूमैक्स को लिए टहल रहा है। सुनना सबकी, लेकिन करना अपने मन की, जो अच्छा लगे, जेब को भाए वही खरीदना।
    समझे ना…

  • रवि // August 7, 2007 at 5:53 am

    को़डक के कैमरे आजकल फालतू आ रहे हैं. मेरा कोडक का एक कैमरा साल भर में ही बेकार हो गया और ठीक भी नहीं हो पाया. आप कैनन या फिर निकॉन में से सोचें और अगर अच्छा परिणाम चाहते हैं तो कोई भी कैमरा लें, पर देखें कि वो एसएलआर जरूर हो. अमित जी की पोस्ट में भी उम्दा टिप्स हैं.

  • हरिराम // August 7, 2007 at 5:56 am

    कैमरा लेने के पहले इसकी सर्विस-सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है, क्योंकि बाद में अनेक लाईलाज खराबियाँ प्रकट होती हैं।

  • Amit // August 7, 2007 at 6:50 am

    Canon S2IS अब काफी पुराना हो गया है, दो वर्ष पहले उसका अगला वर्जन S3IS आया था और इस वर्ष जून में उसका भी अगला वर्जन S5IS आ गया है। ;)

    आपको अधिकतर मैक्रो(macro) फोटोग्राफी की आवश्यकता पड़ेगी, कई कैमरों में यह फीचर होती है, पसंद वह करना है जो बजट में समाते हुए भी इस फीचर के मामले में सबसे बढ़िया हो और साथ ही दूर की फोटो(landscapes) वगैरह लेने में भी मात न खाए। :)

    सोनी एच७ पर नजर डालें canon s2IS से बहतर है, सारे features उमदा हैं। कीमत कम है।

    इस पर भी लिखूँगा, stay tuned! ;)

  • Dard Hindustani // August 7, 2007 at 8:27 am

    मैने सोनी का 7.2 मेगा पिक्सल का कैमरा खरीदा था, दो साल पहले, शोध के लिये तस्वीर लेने के लिये। अभी तक 50, 000 ले चुका हूँ जिनमे से 30,000 से अधिक तस्वीरे नेट पर उपलब्ध है।
    http://ecoport.org/ep?SearchType=pdb&Author=Pankaj%20Oudhia&AuthorWild=MA

  • Amit // August 7, 2007 at 8:41 am

    अगर अच्छा परिणाम चाहते हैं तो कोई भी कैमरा लें, पर देखें कि वो एसएलआर जरूर हो

    रवि जी, यह किसने कहा कि SLR से ही तस्वीरें बढ़िया आती हैं? ;)

  • बसंत आर्य // August 7, 2007 at 9:37 am

    कैमरे की क्वालिटी से ज्यादा महत्वपूर्ण है लाईटिंग और एंगल को समझना. मैने जब भी पिक्चर प्रिंट कराई सामने वाला बोला- कैमरा कौन सा है. जब मैने बताया तो उसने हमेशा मानने से इनकार कर दिया.

  • DR PRABHAT TANDON // August 7, 2007 at 12:40 pm

    सब का बहुत-२ धन्यवाद !! कन्फ़यूजन कुछ अधिक ही बढ रहा है :)
    @रवि जी ,

    को़डक के कैमरे आजकल फालतू आ रहे हैं. मेरा कोडक का एक कैमरा साल भर में ही बेकार हो गया और ठीक भी नहीं हो पाया.

    शुरु-२ में कोडक को मन बनाने का कारण शायद कोडक के सर्विस सेन्टरों की उपलब्धता हर शहर मे होने से रही । लेकिन मै भी अब देख रहा हूँ कि अधिकतर प्रोफ़ेशनल फ़ोटोग्राफ़र कोडक को पंसद नही करते । शायद आपका द्वारा दिया कारण ही सही हो ।

    अगर अच्छा परिणाम चाहते हैं तो कोई भी कैमरा लें, पर देखें कि वो एसएलआर जरूर हो

    यह SLR क्या है ?
    @हरिराम जी,

    कैमरा लेने के पहले इसकी सर्विस-सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है, क्योंकि बाद में अनेक लाईलाज खराबियाँ प्रकट होती हैं।

    हाँ , यह तो है ,क्या कोडक के अलावा कैनन , सोनी या कोई और ख्याति प्राप्त कैमरों के सर्विस सेन्टर हर शहर मे रहते हैं , शायद लखनऊ मे कोडक को छोडकर इनके सर्विस सेन्टर नही है ।
    @Amit ,

    आपको अधिकतर मैक्रो(macro) फोटोग्राफी की आवश्यकता पड़ेगी

    फ़िलहाल मेरे पास जो सस्ता सा कैमरा है उसमे मैक्रो mode है , लेकिन क्या मैक्रो mode से फ़ोटो खींचने के लिये कोई खास निर्देश होते हैं , क्योंकि जब-२ मैने इस तरीके से फ़ोटो खीची , बिल्कुल पास वाली , तो वह बहुत ही धुंधली आयी ।

  • DR PRABHAT TANDON // August 7, 2007 at 12:46 pm

    @Jitu bhai,

    मेगापिक्सेल के झमेले मे ज्यादा नही पड़ना, मेरे विचार से यदि आपको अपनी फोटो प्रिन्ट करवानी है तो ३ मेगापिक्सेल भी बहुत है। हाँ आप्टीकल जूम देख लेना, जितना ज्यादा से ज्यादा हो, अगर इमेज स्टेबलाइजर हो तो क्या कहने।

    मेगापिक्सल और आप्टिकल जूम के बारे मे अभी-२ अमित जी की पोस्ट को पढ के आ रहा हूँ , पुन: ध्यान दिलाने के लिये धन्यवाद !
    अब यह इमेज स्टेबलाइजर क्या बला है ?

  • Amit // August 7, 2007 at 1:04 pm

    अब यह इमेज स्टेबलाइजर

    यह अगली पोस्ट में पढ़िएगा। :)

  • समीर लाल // August 7, 2007 at 1:09 pm

    विडियो बहुत बेहतरीन आया है. निकॉन मेरी पसंद है मगर सरलतम मुझे सोनी लगता है नये लोगों के लिये.

  • ajay // August 7, 2007 at 1:22 pm

    kam se kam 4 mp wala cam to aap ko lena theek rehega

  • Amit // August 7, 2007 at 1:38 pm

    फ़िलहाल मेरे पास जो सस्ता सा कैमरा है उसमे मैक्रो mode है , लेकिन क्या मैक्रो mode से फ़ोटो खींचने के लिये कोई खास निर्देश होते हैं , क्योंकि जब-२ मैने इस तरीके से फ़ोटो खीची , बिल्कुल पास वाली , तो वह बहुत ही धुंधली आयी ।

    फोकस या तो हुआ नहीं होगा या बिगड़ गया होगा या कैमरा हिल गया होगा, कुछ भी कारण हो सकता है फोटो धुंधली आने का। मैक्रो फोटोग्राफी पर एक बढ़िया लेख यहाँ पढ़िए(अंग्रेज़ी में है)।

  • DR PRABHAT TANDON // August 7, 2007 at 2:52 pm

    मैक्रो फोटोग्राफी पर एक बढ़िया लेख यहाँ पढ़िए(अंग्रेज़ी में है)।

    लिंक देने के लिये धन्यवाद ! आवशय देखूगाँ ।

  • anant // August 22, 2007 at 6:34 pm

    Pranam Masarji,

    Late reply ke liye Sorry. Agar aapko skin ki photo khichni hai to aapko zyada MegaPixel ki nahi par aapke camera mein macro ya super macro mode hona zaroori hai. Macro yani aapko apne subject ke bahut pass jana allow karta hai. Minimum distance subject se lagbhag 20cm allowed hota hai bina kisi blurring ke.

    Super Macro mode aapko subject se zero cm ki doori bhi allow kar deta hai. Yani ke camera ke lens pe lagi dhool ki photo bhi aa sakti hai. Ye dono modes mere hisaab se skin ki photo khichne ke liye bahut upyogi honge. Macro modes mein zyada optical zoom(the zooming that takes place through the lens-actual zooming) allowed nahi hota.

    But super macro aur macro zyada models mein shayad nahi available hain. Before buying the camera you’ll have to check this out. Zyada MegaPixel wala camera aapko sirf photo enlargement mein madad karega. Agar aapka maksad bahut sirf family photos khichna hai to zyada MP wale camera ka khaas fayda nahi hai. But it is always good if you have one with some extra MP.

    Happy Clicking!

    Anant

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