कम से कम लखनऊ के बारे मे अवशय कह सकता हूँ कि यहाँ डेंगूं का प्रकोप कम है और डेंगूं फ़ोबिया अधिक । यह मेरा निष्कर्ष अचानक नहीं है परन्तु मेरे और भी साथी चिकित्सकों का भी जो दूसरी पद्दतियों से हैं। गत 10 दिनों मे प्लेटलेटस की गणना मैने करीब 120 रोगियों मे करायी उनमे अधिकाश मे प्लेटलेटस की संख्या सामान्य निकली और जिन रोगियों मे प्लेटलेटस बहुत कम निकले , वह भी दोबारा जाँच कराने मे सामान्य निकले । यह एक बहुत महत्वपूर्ण तथ्य है और इस बात को भी इंगित करता है कि कहीं कुछ गडबड है. इसलिये अगर आप के घर मे या फ़िर किसी परिचित मे डेगू की जाँच मे प्लेटलेटस कम निकल रहे हैं उनकी जाँच दोबारा किसी और पैथोलोजी लैब मे अवशय करवायें। कुछ साल पहले तक हर पैथोलोजी लैब प्लेटलेटस की जाँच स्लाइड से कराते थे लेकिन अब यह ऐनालाइजर से करते हैं , जिन रिपोर्टों मे यह कम पाया गया और बाद मे 24 घटें के अन्दर यह सही पाया गया , वह लखनऊ की कोई ऐसी-वैसी लैब नही हैं बल्कि अत्यंत नामी लैब हैं।
डेंगूं या डेंगूं फ़ोबिया
October 17, 2006 · 3 Comments
Categories: रोग और उनकी औषिधियाँ

























3 responses so far ↓
SHUAIB // October 17, 2006 at 9:20 am
डाक्टर साहब एक सवाल हैः क्या ये डेंगूं बुखार बहुत ही जान लेवा है - मतलब इस बिमारी से इनसान मर जाता है?
इसका कोई आसान इलज है क्या?
कृपया ज़रूर जवाब दें
PRABHAT TANDON // October 17, 2006 at 10:26 pm
हाँ, शुऐब,जान को खतरा तो डेगूं से अवशय ही है। डेंगूं बुखार मे सारा खेल प्लेटलेटस का ही है।
प्लेटलेटस रक्त(blood)को जमने(clotting)मे मदद करती हैं।
डेंगूं बुखार मे चूँकि Platelet की संख्या काफ़ी कम हो जाती है इसीलिये जान का खतरा हमेशा बना रहता है।
एलोपैथी मे इसका न तो कोई उपचार है , सिवाये कि अगर Platelet की संख्या काफ़ी कम हो जायें तो बहार से उनको चढा के पूर्ति की जाये लेकिन कम से कम होम्योपैथी से इसका बचाव और इलाज दोनों ही संभव है, इसके लिये डेंगूं बुखार पर पहले की पोस्ट देखें।
Gopalakrishnan // March 11, 2007 at 9:49 am
I had purpura for more than 3 years
Treated with Omnacortil etc by a dermatologist
Aggravated two months back and on blood test, found platelet count low = 68000
All tests and scans done at CMC Vellore India, showed no reason. It is ITP and Vasculitis.
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